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अमृतसर : सिखों के धार्मिक प्रतीकों के टैटू बनवाने वालों को चेतावनी, जून 2013 में ऐसा करने पर लगाई गई थी रोक

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अमृतसर। एसजीपीसी ने सिखों के धार्मिक चिन्हों व गुरबानी के छंदों के साथ टैटू बनवाने वालों को चेतावनी जारी की है। कहा - कि लोग ऐसा करके गुरबाणी व धार्मिक चिन्हों की बेअदबी न करें। दरअसल, श्री अकाल तख्त ने जून 2013 में इस संबंध में एक आदेश जारी किया था, जिसमें शरीर पर धार्मिक चिन्हों के टैटू गुदवाना व गुरबाणी की लाइनों को लिखवाने पर रोक लगाई थी। लेकिन हाल ही में शिरोमणि कमेटी को फिर से ऐसी कई शिकायतें मिली हैं।
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इनमें से एक शिकायत ब्राजील की एक लड़की के खिलाफ आई है। इस लड़की के पैर में सिख धार्मिक चिन्ह का टैटू है। इसके अलावा अमेरिका में रहने वाले भारतीय मूल के एक व्यक्ति के खिलाफ शिकायत की गई है। इस शख्स ने अपने शरीर पर गुरबानी के छंद का टैटू गुदवाया है।
इन दोनों शिकायतों के खिलाफ शिरोमणि कमेटी ने भारत के दूतावासों और संबंधित देशों से शिकायत की है। इसके साथ ही टैटू के प्रति व्यक्तिगत नाराजगी भी दिखाई है। ये शिकायतें मिलने के बाद शिरोमणि कमेटी ने इस संबंध में श्री अकाल तख्त के जत्थेदार द्वारा जारी आदेश को सोशल मीडिया पर साझा किया है और उनसे इस तरह के टैटू नहीं बनवाने को लोगों को कहा है।
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उल्लेखनीय है कि इससे पहले पंजाबी अभिनेत्री नीरू बाजवा द्वारा गुरबाणी के एक श्लोक के साथ टैटू बनवाने का मामला भी सामने आया था। अभिनेत्री मंदिरा बेदी ने भी ऐसा ही एक टैटू बनवाया था, जिसके लिए उन्होंने विरोध का सामना करने के बाद सार्वजनिक रूप से माफी मांगी थी।
एसजीपीसी के अध्यक्ष एडवोकेट हरजिंदर सिंह धामी ने कहा कि शिरोमणि कमेटी ने सिख भावनाओं को ठेस पहुंचाने वाले ऐसे लोगों से कहा है कि वे सिख धार्मिक प्रतीकों का टैटू शरीर के किसी हिस्से पर बनाकर प्रतीकों व गुरबाणी का अपमान न करें।
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