संवाद न्यूज एजेंसी
अमृतसर। लंगर श्री गुरु रामदास जी में ड्यूटी निभा रहे अधिकारियों और कर्मचारियों की तरफ से सरबत के भले के लिए लंगर श्री गुरु गुरु रामदास जी में श्री अखंड पाठ साहिब के भोग डाले गए। इस अवसर पर सचखंड श्री हरमंदिर साहिब के हजूरी रागी भाई गुरबचन सिंह के जत्थे ने संगत को कीर्तन से निहाल किया। अरदास भाई सलविंदर सिंह ने की और संगत को पावन हुक्मनामा सचखंड श्री हरमंदिर साहिब के अतिरिक्त मुख्य ग्रंथी सिंह साहिब ज्ञानी जगतार सिंह लुधियाना ने सुनाया। इस अवसर पर ज्ञानी जगतार सिंह ने संगत के साथ विचार साझा करते हुए कहा कि सिख इतिहास में सेवा का बड़ा महत्व है। उन्होंने कहा कि गुरु के दर पर निष्काम भावना के साथ की गई सेवा कभी व्यर्थ नहीं जाती। उन्होंने लंगर श्री गुरु रामदास जी में सेवा निभा रहे मुलाजिमों के प्रयास की सराहना करते हुए कहा कि सिखों की परंपराएं मानवता के भले के अनुकूल हैं। इस अवसर पर एसजीपीसी के अतिरिक्त सचिव प्रताप सिंह, उप मीडिया सचिव कुलविंदर सिंह रमदास, हरजीत सिंह लालूघुम्मन, श्री दरबार साहिब के मैनेजर सुलखन सिंह भंगाली, मैनेजर बघेल सिंह, मलकीत सिंह बहिड़वाल समेत कमेटी के पदाधिकारी और बड़ी संख्या में कमेटी के सदस्य भी मौजूद थे।