संवाद न्यूज एजेंसी
अमृतसर। शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी और शिरोमणि अकाली दल का एक प्रतिनिधिमंडल एसजीपीसी के अध्यक्ष हरजिंदर सिंह धामी के नेतृत्व में शुक्रवार को नांदेड़ पहुंचा। वहां महाराष्ट्र सरकार के नवीनतम कैबिनेट फैसले के खिलाफ तख्त श्री हजूर अबचलनगर साहिब नांदेड़ की संगत की ओर से किए जा रहे विरोध मार्च में भाग लिया। महाराष्ट्र सरकार ने गुरुद्वारा बोर्ड में सरकार का प्रभाव बढ़ाने के लिए तख्त श्री हजूर अबचलनगर साहिब अधिनियम, 1956 में संशोधन किया है। सरकार ने सिख संगठनों के सदस्यों की बोर्ड में संख्या कम कर दी है और सरकार की ओर से नियुक्त सदस्यों की संख्या को बढ़ा दिया है।
मामले की गंभीरता को देखते हुए श्री अकाल तख्त साहिब के जत्थेदार की ओर से तख्त श्री केसगढ़ साहिब के जत्थेदार ज्ञानी सुल्तान सिंह भी नांदेड़ पहुंच गए हैं। प्रतिनिधिमंडल के सदस्यों में एसजीपीसी महासचिव भाई राजिंदर सिंह मेहता, शिरोमणि कमेटी के सदस्य अजमेर सिंह खेड़ा, शिरोमणि अकाली दल के प्रवक्ता दलजीत सिंह चीमा और एसजीपीसी के अध्यक्ष के ओएसडी सतबीर सिंह धामी शामिल हैं।
इस दौरान शिरोमणि कमेटी और शिरोमणि अकाली दल का एक संयुक्त प्रतिनिधिमंडल तख्त श्री हजूर साहिब के जत्थेदार ज्ञानी कुलवंत सिंह से मिला। इस मौके पर तख्त श्री हजूर साहिब एक्ट में महाराष्ट्र सरकार की ओर से किए गए संशोधन के मुद्दे पर गंभीर चर्चा हुई। शिरोमणि कमेटी के अध्यक्ष एडवोकेट हरजिंदर सिंह धामी ने इस मामले पर सिख संगठन की ओर से हर स्तर पर विरोध प्रदर्शन करने की प्रतिबद्धता व्यक्त की और यह भी कहा कि वह स्थानीय सिखों की ओर से किए जा रहे संघर्ष को पूरा समर्थन देंगे।