5 किलो इम्प्रोवाइज्ड एक्सप्लोसिव डिवाइस (आईईडी) की शुक्रवार को हुई बरामदगी मामले में एसटीएफ ने हिरासत में लिए गए तीन संदिग्धों को पूछताछ के बाद छोड़ दिया है। पुलिस को संदिग्धों से पूछताछ में कोई अहम सुराग नहीं मिल सका। वे राहगीर थे, घटनास्थल पर होने के कारण संदेह के आधार पर उन्हें हिरासत में लिया गया था।
पुलिस के एक सीनियर अधिकारी ने बताया कि पुराने खालिस्तानी आतंकियों और भारत-पाक अंतरराष्ट्रीय सीमा के साथ सटे गांवों में रहने वाले तस्करों की सूची को खंगाला जा रहा है। आशंका है कि उक्त खेप तस्करों ने सुरक्षित ठिकाने लगाने के लिए किसी आतंकी के लिए यहां छिपाकर रखी हो, ताकि मौका मिलते ही वह उठाकर किसी भीड़ वाली जगह पर धमाका कर सके।
उल्लेखनीय है कि एसटीएफ ने शुक्रवार की दोपहर अटारी सीमा के पास 2.700 किलो आरडीएक्स, 2.300 किलो लोहे की छोटी बाल्स, डेटोनेटर सहित विस्फोट के लिए इस्तेमाल होने वाला सामान बरामद किया था। घटना के बाद सारे इलाके में दहशत फैल गई थी। पुलिस ने घटनास्थल से तीन संदिग्ध युवकों को हिरासत में लिया था। देर रात पूछताछ के बाद संदिग्धों से कोई सुराग नहीं मिला तो उन्हें छोड़ दिया गया।
आईईडी के पास मिला मॉल का लिफाफा
जांच में सामने आया है कि आइईडी के पास अमृतसर के मॉल का लिफाफा मिला है। आशंका जताई जा रही है कि आतंकी उसी लिफाफे में छिपाकर आईईडी को घटनास्थल तक लाए होंगे और फिर उसे खेत में छोड़कर चले गए होंगे। बताया जा रहा है कि पुलिस मॉल में स्थित शोरूम के मालिक से पूछताछ कर रही है। मॉल और दुकान के सीसीटीवी फुटेज लेकर उसे भी खंगाला जा रहा है, ताकि आरोपियों का कुछ पता चल सके।