सचखंड श्री हरमंदिर साहिब में ग्रंथी ज्ञानी सुखजिंदर सिंह पंचतत्व में विलीन हो गए। गुरुद्वारा शहीदां साहिब के नजदीक स्थित श्मशानघाट में उनका अंतिम संस्कार सिख धर्म की मर्यादाओं व परंपराओं के साथ हुआ। अंतिम अरदास भाई सुल्तान सिंह ने की। भाई सुखजिंदर सिंह कुछ दिन से बीमार थे। उन्हें एक निजी अस्पताल में दाखिल कराया गया था, जहां बुधवार को सुबह सात बजे उन्होंने अंतिम सांस ली। उनकी मौत से पंथक हलकों में शोक की लहर है। एसजीपीसी के अधिकारियों व कर्मचारियों ने ज्ञानी सुखजिंदर सिंह को श्रद्धांजलि देने के लिए शोकसभा का आयोजन किया। एसजीपीसी अध्यक्ष गोबिंद सिंह लौंगोवाल ज्ञानी सुखजिंदर सिंह के निवास स्थान पर गए, जहां उन्होंने परिवार के साथ शोक प्रकट किया।