कश्मीर सरकार ने डेढ़-डेढ़ लाख तो राज्य सरकार ने पीड़ित परिवारों को दी दो-दो लाख रुपये की मदद
संवाद न्यूज एजेंसी
अमृतसर। कश्मीर में बुधवार शाम आतंकवादियों की गोलियों का शिकार हुए रोहित मसीह को शुक्रवार की दोपहर अजनाला में उसके पैतृक गांव चमियारी में धार्मिक रस्में निभाते हुए दफन कर दिया। कश्मीर की पुलिस पार्टी रोहित मसीह के शव को वीरवार की देर रात लेकर चमियारी पहुंची थी। कश्मीर सरकार ने आतंक का शिकार हुए दोनों युवकों के परिजनों को डेढ़-डेढ़ लाख रुपये और पंजाब सरकार ने दो-दो लाख रुपये की वित्तीय मदद की। इसके साथ ही सरबत द भला ट्रस्ट के संस्थापक की ओर से पीड़ित परिवारों को हर माह ढाई-झाई हजार रुपये पेंशन की पहली किश्त भेंट की।
गौर हो कि चमियारी गांव का रोहित मसीह अपने गांव के दोस्त अमृतपाल सिंह के साथ श्रीनगर में लकड़ी का काम करने गए थे। इस दौरान ही बुधवार की सायं आतंकवादियों की टारगेट किलिंग का शिकार हो गए। कश्मीर पुलिस की टीम कल देर रात करीब डेढ़ बजे रोहित मसीह का शव लेकर चमियारी गांव पहुंची थी। इस टीम की ओर से कश्मीर सरकार की ओर से दिए डेढ़ लाख रुपये की वित्तीय मदद की और लौट गई।
कश्मीर में हुए इस हादसे के बाद आज दूसरे दिन भी गांव में माहौल गमगीन बना रहा। रोहित के पिता प्रेम मसीह परिवार के अन्य लोगों के साथ आज दोपहर उसका शव लेकर गांव के चर्चयाड में पहुंचे। रोहित की मां और छोटी बहन का रो-रो कर बुरा हाल हो रहा था। इस दौरान बड़ी संख्या में गांव के लोग मौजूद थे, जो पीड़ित परिवार को हौसला देने के लगातार प्रयास कर रहे थे। पीड़ित परिवार ने धार्मिक रस्मों के साथ रोहित मसीह का शव दफन कर दिया।
सरबत द भला पीड़ित परिवार को हर माह देगा पेंशन
सरबत द भला ट्रस्ट के संस्थापक डा. एसपीएस ओबराय ने श्रीनगर में आतंकी घटना का शिकार बने अमृतपाल सिंह और रोहित मसीह के परिवारों को हर माह अढ़ाई-अढ़ाई हजार रुपये पेंशन देने का लान किया। ट्रस्ट के माझा जोन के सलाहकार सुखदीप सिंह सिद्धू, प्रधान सुखजिंदर सिंह हेर और महासचिव मनप्रीत सिंह चमियारी ने मृतक युवाओं की दोनों माताओं को पेंशन की पहली किश्त का 2500-2500 रुपये काल चेक भेंट किया। इसके साथ ही उन्होंने कहा कि ट्रस्ट की ओर से हर माह दोनों पीड़ित माताओं के बैंक खाते में 2500-2500 रुपये की राशि भेजी जाएगी। इसके लिए उन्होंने दोनों माओं के बैंक खाते लिए और दुख की इस घड़ी में उन्हें हौसला बंधाया।
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पीड़ितों को जम्मू कश्मीर सरकार दे पेंशन: प्रो चावला
पंजाब की पूर्व कैबिनेट मंत्री प्रो लक्ष्मी कांता चावला ने कहा कि सात फरवरी को श्रीनगर में हुए आतंकवादी हमले में अमृतसर के दो नवयुवक मारे गए। दोनों ही वहां रोटी रोजी कमाने के लिए गए थे। चाहे सुरक्षा बल पूरी शक्ति से आतंकवाद से लोहा ले रहे हैं, पर आतंकवादी भी कभी न कभी नफरत फैलाने के लिए जम्मू-कश्मीर में बाहर से आए नागरिकों की हत्या कर देते हैं। प्रो चावला ने कहा कि लोगों की जम्मू-कश्मीर सरकार से यह मांग है कि जो व्यक्ति कश्मीर में आतंकवाद का शिकार हुआ, उसके परिवार की आर्थिक और सामाजिक दृष्टि से सुरक्षा जम्मू कश्मीर सरकार को करनी चाहिए। कश्मीर सरकार ने केवल एक लाख रुपए का चेक और पचास हजार रुपये पीड़ित परिवारों को देकर अपनी ड्यूटी पूरी कर ली, यह यह सब कुछ नहीं है। मृतकों के परिवारों को कम से कम पचास लाख रुपये प्रति परिवार दिया जाना चाहिए और आतंकवाद पीड़ित परिवारों को जैसी पेंशन पंजाब सरकार देती है, वैसे ही कश्मीर सरकार को भी उन परिवारों को पेंशन देनी चाहिए।