संवाद न्यूज एजेंसी
अमृतसर। राज्यसभा सदस्य विक्रमजीत सिंह साहनी ने सीमावर्ती गांव नंगल सोहल में जाकर बाढ़ पीड़ित किसानों का हाल जाना और उनकी मुश्किलें भी सुनीं और खेतों से रेत हटवाने का काम शुरू करवाया। उन्होंने प्रभावित इलाकों में दौरा भी किया। आश्वासन दिया कि वह उनकी सेवा में तत्पर हैं। उन्होंने कहा कि भारत और पाकिस्तान की तारों के बीच की जमीन पर किसानों के सामने सबसे बड़ी समस्या यह है कि बीएसएफ ने रेत निकालने की इजाजत नहीं दी है। खेतों में पानी भरा है। उनकी टीम ने सोमवार को वहां रेत आदि निकाले का काम शुरू किया। कहा कि अब किसान जल्द बुवाई कर सकेंगे। साहनी ने कहा कि जब अगस्त में बाढ़ आई तो वह तुरंत सेवा के लिए खेतों में चले गए। उस समय नावों और तिरपाल की बहुत कमी थी।वह खुद कई बार नावों में बैठकर अजनाला इलाके के प्रभावित गांवों में गए थे। वहां किसानों के साथ साथ अन्य लोगों की भी मुश्किलें सुनी थीं। अजनाला में पांच एकड़ का गोदाम बनाया गया है, जहां से गांवों में फॉग मशीन, बिस्तर, बर्तन और दूसरी चीज़ें बांटी जा रही हैं। अब तक आठ गांवों में रेत निकालने का काम पूरा हो चुका है, और दूसरी जगहों पर भी सेवा जारी है। उनका लक्ष्य है कि हर किसान समय पर अपना धान बो सके।