प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ अमृतसर के भंडारी पुल पर प्रदर्शन करते विभिन्न सिख संगठनों के
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राम मंदिर निर्माण के शिलान्यास कार्यक्रम के बाद अपने संबोधन में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा गोबिंद रामायण के जिक्र करने को अलगाववादी और कट्टरपंथी सिख संगठनों ने इसको मुद्दा बना लिया है। हवारा कमेटी ने इस मुद्दे पर वीरवार सुबह अमृतसर के भंडारी पुल पर प्रदर्शन किया। कमेटी के अध्यक्ष प्रो. बलजिंदर सिंह ने कहा कि प्रधानमंत्री को अपना बयान वापस लेना चाहिए। प्रधानमंत्री का बयान गुमराह करना वाला, बेबुनियाद और सिख धर्म में दखल देने व सिख जज्बातों को पीड़ा देने वाला है। इस अवसर पर प्रदर्शनकारियों ने गुरुबाणी की उन पंक्तियों की तख्तियां उठा रखी थी जो सिख एक अलग धर्म की पहचान का संदेश देती है। इस अवसर पर तख्त श्री पटना साहिब के पूर्व जत्थेदार ज्ञानी इकबाल सिंह के बयान की निंदा की गई। जिसमें उन्होंने कहा था कि गुरु साहिबान लव-कुश के वंशज है। प्रो. बलजिंदर सिंह ने कहा कि ज्ञानी इकबाल सिंह पंथ विरोधियों के हाथों में खेल रहे हैं।