अमृतसर। छोटे साहिबजादों की शहादत दिवस के एक दिन बाद 29 दिसंबर को श्री गुरु गोबिंद सिंह का प्रकाश पर्व मनाया जाएगा। इस पर शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी ने सहमति श्री अकाल तख्त साहिब को भेज दी है। इस पर श्री अकाल तख्त साहिब के जत्थेदार ज्ञानी हरप्रीत सिंह ने भी मोहर लगा दी है। अब फैसला हुआ है कि सिख पंथ 29 दिसंबर को श्री गुरु गोबिंद सिंह जी का प्रकाश पर्व मनाएगा। सिख पंथ की अलग अलग जत्थेबंदियों ने श्री अकाल तख्त साहिब के जत्थेदार और शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के अध्यक्ष हरजिंदर सिंह धामी को अलग अलग पत्र व ईमेल भेजकर मांग की थी कि 28 दिसंबर को गुरु साहिब के साहिबजादों का शहीदी दिन है और 29 दिसंबर को गुरु गोबिंद सिंह का प्रकाश पर्व है।
सिख संगत 28 को तो शोक दिवस मनाएगी फिर 29 को प्रकाश पर्व मनाना होगा। इसको लेकर सिख संगत में काफी दुविधा है। संगत की मांग थी कि प्रकाश पर्व की तिथि को किसी अन्य दिन के लिए बदला जाए। इस मुद्दे पर पांच सिंह साहिब ने एसजीपीसी को पत्र जारी कर दिया था कि इसका हल एसजीपीसी पांच सिंह साहिब को बताए। एसजीपीसी की ओर से अलग अलग पक्षों और सिख धार्मिक रीति रिवाजों और गुरु साहिब के प्रकाश पर्व की तिथि देसी कैलेंडर के अनुसार अब 29 दिसंबर को तय की है।
कहा गया कि सिख पंथ 29 दिसंबर को ही प्रकाश पर्व मनाया जाए। क्योंकि देसी कैलेंडर के अनुसार प्रकाश पर्व की तिथि को बदलना संभव नही है। वह तिथि इस बार 29 दिसंबर को ही बनती है। इसलिए प्रकाश पर्व के लिए 29 दिसंबर की तिथि ही सही रहेगी। एसजीपीसी के इस जवाब को मुख्य रख श्री अकाल तख्त साहिब के सिंह साहिब जत्थेदार ज्ञानी हरप्रीत सिंह ने भी संगत को 29 दिसंबर को ही श्री गुरु गोबिंद सिंह का प्रकाश पर्व मनाने की बात कही है। उधर, पांचों सिंह साहिब ने भी इसी तिथि को स्वीकृति प्रदान कर दी है। पांच सिंह साहिब भी अलग अलग संप्रदायों और जत्थेबंदियों के मुुखियों से मशविरा कर चुके हैं। जिसके बाद सिंह साहिबों ने 29 दिसंबर को ही श्री गुरु गोबिंद सिंह जी की जयंती मनाने का फैसला किया है।