शिअद (अमृतसर) के वरिष्ठ नेताओं ने श्री गुरु ग्रंथ साहिब के लापता 328 पावन स्वरूपों के आरोपी एसजीपीसी के अधिकारियों व कर्मचारियों को कानूनी सजा देने की मांग कर श्री अकाल तख्त साहिब में अरदास की। इस दौरान अलगाववादी नारे भी लगाए गए। मीडिया से बात करते हुए दल के महासचिव जसकरण सिंह ने कहा कि शिअद (अमृतसर) के कार्यकर्ताओं ने 22 दिन से एसजीपीसी के अध्यक्ष गोबिंद सिंह लौंगोवाल के निवास स्थान के बाहर धरना लगाया हुआ है। अब तक पूर्व मुख्यमंत्री प्रकाश सिंह बादल, सुखबीर सिंह बादल, गोबिंद सिंह लौंगोवाल व बिक्रम मजीठिया ने संगत को यह नहीं बताया कि आरोपियों के खिलफ़ कानूनी कार्रवाई में देर क्यों की जा रही है। शिअद (अमृतसर) तब तक संघर्ष जारी रखेगा जब तक आरोपियों को कानून के कटघरे में नहीं खड़ा कर दिया जाता। गोबिंद सिंह लौंगोवाल की अगुवाई में आयोजित धर्म प्रचार कमेटी की बैठक में श्री अकाल तख्त साहिब के जत्थेदार ज्ञानी हरप्रीत सिंह से अपील की गई थी कि इन आरोपियों को पंथक परंपराओं के अनुसार सजा दी जाए।