संवाद न्यूज एजेंसी
अमृतसर। नशे से मौतों का आंकड़ा नहीं थम रहा है। अमृतसर में नशे ने राखी के दिन एक बहना का प्यार छीन लिया। घर के बाथरूम में नशे का इंजेक्शन लगाने पर उसके भाई की मौत हो गई। घटना अमृतसर के सीमांत कस्बा अटारी के गांव छिड्डन की है। युवक परिवार का इकलौता बेटा था। उधर, गांव वालों का आरोप है कि यहां घर-घर नशा बिक रहा है। 60 प्रतिशत से अधिक युवा अलग-अलग तरह के नशे का शिकार हो चुके हैं। नशे ने कई घरों को बर्बाद कर दिया है।
मृतक युवक दिलप्रीत की बहन नवदीप कौर ने बताया कि वीरवार को पूरा देश राखी के त्योहार की खुशियां मना रहा था। इसी दिन उसका भाई उससे बिछड़ गया। इस दिन सुबह उसने अपने भाई दिलप्रीत की कलाई पर राखी बांधी। इसके बाद वह अपने दोस्तों से मिलने बाहर चला गया। इसके बाद दोपहर के समय वह कहीं से नशे की पुड़िया ले आया और सीधे बाथरूम में चला गया। वहां उसने नशे का इंजेक्शन लगाया और वहीं उसकी मौत हो गई। जब काफी समय तक बाथरूम का दरवाजा नहीं खुला तो पिता ने किसी तरह दरवाजा खोला। अंदर दिलप्रीत का शव पड़ा था। बाजू में नशे का इंजेक्शन लगा हुआ था। इकलौते बेटे की मौत से पूरा परिवार टूट चुका है। नशे ने एक और घर को बर्बाद कर दिया है।
तस्करों ने नशेड़ी लोगों को दिया अब तस्करी का काम
स्थानीय लोगों ने पुलिस पर नशा न रोक पाने के आरोप लगाए हैं। हालात ये हैं कि अब तस्कर खुद नशा नहीं बेच रहे है। कुछ पुलिस और कुछ विलेज डिफेंस कमेटी का भी उन्हें खौफ रहता है। इसलिए तस्करों ने नशा लेने वालों को ही काम पर लगा दिया है। वे उन्हें नशा बेचने के लिए मुफ्त में नशा देते हैं। यही कारण है कि यह नशे का जाल फैलता जा रहा है। इस कारण नशे के बड़े सौदागर पुलिस की गिरफ्त में नहीं आ रहे हैं।