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अंतरराष्ट्रीय ड्रग कारोबार गिरोह का भंडाफोड़: पांच किलो अफीम सहित तीन गिरफ्तार, कोरियर से भेजते थे खेप

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चार देशों अमेरिका, यूके, कनाडा और ऑस्ट्रेलिया में भेजते थे, सफेद नकाबपोश चेहरे भी गिरोह में शामिल
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अब तक दो क्विंटल से अधिक अफीम भेज चुके विदेश, झारखंड से होशियारपुर का अमन मांगता था खेप
संवाद न्यूज एजेंसी
जालंधर। जालंधर कमिश्नरेट की सीआईए स्टाफ पुलिस ने अंतरराष्ट्रीय ड्रग गिरोह का भंडाफोड़ किया जो कोरियर एजेंसी के माध्यम से चार देशों में दवाओं की तस्करी कर रहा था। पुलिस ने पांच किलोग्राम अफीम के साथ तीन लोगों को गिरफ्तार किया है। पुलिस कमिश्नर स्वप्न शर्मा के ने बताया कि उन्हें सूचना मिली थी कि इस रैकेट में कई लोग पिछले तीन साल से सक्रिय हैं। करीब दो क्विंटल अफीम विदेश भेज चुके हैं। पता चला है कि जालंधर का मनीष उर्फ मनी ठाकुर इस कार्टेल का लीडर है और यूके में रहता है। जांच के दौरान यह बात भी सामने आई है कि झारखंड से होशियारपुर और जालंधर के कोरियर संचालकों को अफीम भेजी जाती थी। फिर इसे विदेशों में भेजा जाता था। पुलिस ने होशियारपुर से अमन को गिरफ्तार किया, जो दो मोबाइल शोरूम चलाता है। वह झारखंड से अफीम की डिलीवरी के लिए प्वाइंट मैन था और उसने होशियारपुर की पॉश कॉलोनी में आलीशान घर बनाया है। वहीं जालंधर के सन्नी को भी गिरफ्तार किया है, जिसकी अपनी कोरियर कंपनी है। वह विभिन्न वजन और मात्रा में अफीम को पैक करने का काम करता था। सीपी शर्मा ने कहा कि होशियारपुर के टांडा निवासी शेजल जो एक कोरियर सेवा चलाता है, उसे भी गिरफ्तार किया गया है। पुलिस ने इनके पास से पांच किलो अफीम बरामद की है।
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दिल्ली में सीमा शुल्क विभाग और डाक अधिकारियों की भी जांच
बताया गया है कि ये तीनों अंतरराष्ट्रीय कोरियर सेवा के जरिये ब्रिटेन, कनाडा, ऑस्ट्रेलिया और अमेरिका में अफीम भेजते थे। यह कार्टेल पिछले तीन वर्षों से सक्रिय है और इसमें सीधे तौर पर शामिल आठ लोगों की पहचान की गई है। पुलिस कमिश्नर ने कहा कि पहचाने गए और गिरफ्तार सभी आरोपी सफेद नकाबपोश नौकरियां कर रहे हैं जिन्होंने पिछले तीन वर्षों में बड़ी संपत्ति अर्जित की है। सीपी शर्मा ने कहा कि अंतिम प्राप्तकर्ता के लगभग 300 पतों का पता लगाया गया है और अंतरराष्ट्रीय कोरियर सेवा की प्रत्यक्ष संलिप्तता की आगे की जांच चल रही है। दिल्ली में सीमा शुल्क विभाग और भारतीय डाक अधिकारियों की भूमिका की भी जांच चल रही है। गिरफ्तार तस्करों को अदालत में पेश कर चार दिन की पुलिस रिमांड पर लिया है। इनसे पूछताछ में बैकवर्ड फारवर्ड लिंक का पता लगाकर पूरी रैकेट का पर्दाफाश किया जाएगा।
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