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हथियार रखने से न डरे हिंदू, उनके सभी देवता शस्त्रधारी  : अमृतपाल 

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संवाद न्यूज एजेंसी
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अमृतसर। ‘वारिस पंजाब दे’ जत्थेबंदी के मुखी अमृतपाल सिंह की अगुवाई में बुधवार बाद दोपहर युवा मार्च खालसा वीर अकाल तख्त साहिब पर अरदास करने के बाद आनंदपुर साहिब के लिए रवाना हो गई। इसमें बड़ी संख्या में युवा शामिल हुए। इसका मुख्य मकसद युवाओं को नशा से दूर करना, उनको अमृतपान करवा कर गुरुघर के साथ जोड़ों और राज्य के युवाओं को पंजाब के मुद्दों के प्रति जागृत करना है।
यह यात्रा दिसंबर के प्रथम सप्ताह श्री आनंदपुर साहिब पहुंचेगी। इसके बाद इसका दूसरा पड़ाव आनंदपुर साहिब से तख्त दमदमा साहिब के लिए होगा, जो पांच सप्ताह के दौरान सारे राज्य से होकर युवा वर्ग को गुरुघर के साथ जोड़ेगा।
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अमृतपाल सिंह करीब सात बजे हरिमंदिर साहिब परिसर पहुंच गए थे। दिन चढ़ते ही उनके समर्थक बड़ी संख्या में श्री अकाल तख्त साहिब पर पहुंचने शुरू हो गए। बुधवार अमावस का दिन था जिसके चलते बड़ी संख्या में श्रद्धालु श्री हरिमंदिर साहिब के पवित्र सरोवर में स्नान करने के लिए आते हैं। बाद दोपहर अमृतपाल सिंह अरदास करने के लिए श्री अकाल तख्त साहिब पर पहुंचे। अरदास के बाद इस यात्रा को रवाना किया गया। जो 13 अलग-अलग पड़ाव से होकर श्री आनंदपुर साहिब पहुंचेगा।
इसे लेकर करीब एक माह से अमृतपाल और उसके समर्थकों की ओर से सोशल मीडिया के माध्यम से प्रचार किया जा रहा था। मंगलवार रात्रि से सुरक्षा एजेंसियों की ओर से हरिमंदिर साहिब के बाहर और अंदर सुरक्षा की कड़ी व्यवस्था की थी।
दोपहर बाद अमृतपाल सिंह अपने निजी सुरक्षा के साथ हथियारों से लेस होकर श्री हरिमंदिर साहिब परिसर स्थित अकाल तख्त साहिब पहुंचे। अकाल तख्त साहिब के सामने पहुंचकर उन्होंने अपने समर्थकों के साथ इस मार्च खालसा वीर की सफलता के लिए अरदास की। इस दौरान संगत ने अमृतपाल को घेर लिया। अमृतपाल के साथ आए हथियारों से लैस उसके सुरक्षा कर्मियों ने उसके आसपास घेरा बनाए रखा।
अमृतपाल ने अपने संबोधन में कहा कि नशे में डूब रहे युवाओं को नशा की दलदल से बाहर निकालने और युवाओं को गुरु के साथ जोड़ने का यह प्रयास है। युवाओं के अंदर राजनीतिक चेतना समय की जरूरत है। इस यात्रा के माध्यम से युवाओं को अमृतपान करवाया जाएगा और उनको अपने अधिकारों और जिम्मेवारियों के प्रति जागृत किया जाएगा।
अमृतपाल ने बंदूक कल्चर खत्म करने के लिए पुलिस द्वारा एफआईआर दर्ज करने की शुरुआत को भी गलत बताया। उन्होंने कहा कि गुरुओं ने हमेशा सिखों को हथियार अपने साथ रखने के लिए कहा है। हर तख्त पर गुरुओं के समय के हथियार पड़े हैं। यही कारण है कि गुरु साहिब ने भी मीरी व पीरी की तलवारें धरण की और तख्त साहिब को करीब ढाई फीट ऊंचा रखा।
अमृतपाल ने कहा कि हिंदुओं को भी सिखों के हाथों में हथियार देख घबराना नहीं चाहिए। अगर उनके देवी-देवताओं की बात करें तो वे भी अपने साथ हमेशा हथियार रखते थे। हिंदुओं के तो प्रत्येक देवी देवता शस्त्रधारी थे, उन्हें हथियारों से क्यों दूर रहना चाहिए।
यह खालसा मार्च शाम तक जंडियाला गुरु पहुंच जाएगा। वहां वीरवार सुबह लोगों को अमृतपान करवाने के बाद यह अगले पड़ाव के लिए रवाना होगा।
कहा कहां है पड़ाव
अमृतसर से बाद दोपहर रवाना हुई खालसा वीर यात्रा जंडियाला गुरु, बाबा बकाला साहिब, खडूर साहिब, गोइंदवाल साहिब, सुल्तानपुर लोधी, कपूरथला, करतारपुर, जालंधर, फगवाड़ा, बहिराम, नवा शहर, बलाचौर, रोपड़ में रुकने के बाद श्री तख्त श्री आनंदपुर साहिब पहुंचेगी।
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अगला फेज श्री दमदमा साहिब के लिए होगी रवाना
अमृतपाल सिंह ने कहा कि श्री आनंदपुर साहिब पहुंचने के बाद समाप्ति की अरदास की जाएगी। खालसा वीर यहां नहीं रुकेगी। यह पंजाब के बाहर भी जाएगी। अगली खालसा वीर तख्त श्री दमदमा साहिब के लिए रवाना हो जाएगी। इसके पड़ावों की जानकारी भी जल्दी ही संगत तक पहुंचा दी जाएगी।
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