वकील ने दिया रजिस्ट्रेशन एक्ट 1908 की धारा 57 का हवाला, कहा जाएंगे अदालत
संवाद न्यूज एजेंसी
अमृतसर। अमृतसर बार एसोसिएशन सदस्य प्रशांत कुमार को सेवा केंद्र के जिला मैनेजर (डीएम) निरवैर सिंह ने उस समय बाहर का रास्ता दिखा दिया जब वह किसी मामले को लेकर रजिस्ट्रियों की नकल लेने पहुंचे थे। प्रशांत कुमार ने हालांकि डीएम को अंग्रेजों के समय बनाए कानून रजिस्ट्री एक्ट की धारा 57 का हवाला दिया, लेकिन डीएम ने डीसी की हिदायतों की बात कहते हुए उनसे नकल बाबत आवेदन लेने से साफ इन्कार कर दिया।
उन्होंने बताया कि अंग्रेजों के समय बनाए रजिस्ट्रेशन एक्ट की धारा 57 के तहत रजिस्टर्ड दस्तावेज या डीड की नकल कोई भी व्यक्ति सरकारी फीस भर कर हासिल कर सकता है। उन्होंने बताया कि सितंबर 2005 में ट्रस्ट मासूमा (सोहन लाल कैलाशवती ट्रस्ट) ने 49.6 वर्ग गज की दो रजिस्ट्रियां करवाई थी। उन्होंने बताया कि कोई ट्रस्ट की जमीन को बेच नहीं सकता। वे एक्ट के तहत रजिस्ट्रियों की नकल के लिए आवेदन देने शनिवार को जिला सचिवालय स्थित सेवा केंद्र पहुंचे, जहां जिला मैनेजर ने उनसे आवेदन लेने से मना कर दिया। इस बारे में उन्होंने मुख्यमंत्री भगवंत मान को शिकायत भेजी है। रजिस्ट्रेशन एक्ट 1908 की धारा 57 के तहत अब वे अदालत में जाएंगे।
जब सेवा केंद्र के डीएम निरवैर सिंह के साथ बात की तो उन्होंने बताया कि डिप्टी कमिश्नर हरप्रीत सिंह सूदन की हिदायतों के बाद सिर्फ संबंधित व्यक्ति को ही नकल दी जा रही है। वहीं दूसरी तरफ जिला माल अधिकारी राम कृष्ण ने बताया कि इस तरह के कोई भी आदेश डीसी की ओर से जारी नहीं किए गए।
डीएम की अनुपस्थिति में लाइट और पंखे ऑन
एक तरफ सरकार ने बिजली की बचत करने के लिए सभी सरकारी दफ्तरों के समय में तबदीली कर दी, तो दूसरी तरफ सोमवार को दोपहर सेवा केंद्र के डीएम निरवैर सिंह की अनुपस्थिति में उनके दफ्तर की लाइटें और पंखे ऑन रहे। इस दौरान डीएम के स्टाफ का कोई कर्मचारी भी दफ्तर में मौजूद नहीं पाया गया। जब उनसे बात की गई तो उन्होंने कहा कि वे किसी कार्यक्रम में शामिल होने गुरु नानक देव यूनिवर्सिटी गए थे, मगर उनका बाकी स्टाफ दफ्तर में ही था।