अमृतसर। शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के अध्यक्ष एडवोकेट हरजिंदर सिंह धामी ने पंजाब के नए एडवोकेट जनरल की नियुक्ति की आलोचना करते हुए कहा है कि एडवोकेट विनोद घई डेरा सिरसा प्रमुख के मामले सहित कई अन्य विवादास्पद मामलों को लेकर केस लड़ रहे हैं। इसलिए उनकी नियुक्ति को स्वीकार नहीं किया जा सकता।
अध्यक्ष ने कहा कि एडवोकेट जनरल को पंजाब की प्राथमिकताओं को समझते हुए और क्षेत्र के हितों की रक्षा करते हुए पूरी तरह से निष्पक्ष होना चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि पंजाब का एडवोकेट जनरल सिख होना चाहिए, क्योंकि पंजाब गुरुओं के नाम पर बसता है। उन्होंने पंजाब के राज्यपाल से मांग की है कि महाधिवक्ता की नियुक्ति रद्द की जाए।
इस बीच एडवोकेट धामी ने भी उच्च न्यायालयों में सिख न्यायाधीशों की घटती संख्या पर गहरी चिंता व्यक्त की है। उन्होंने कहा कि हाल ही में पंजाब और हरियाणा हाईकोर्ट के लिए चुने गए 13 जजों में से एक सिख ही आ सका है। उन्होंने कहा कि सिख युवाओं को भविष्य में देश में विभिन्न उच्च पदों को प्राप्त करने के लिए कड़ी मेहनत करनी चाहिए, ताकि हर क्षेत्र में सिखों का उचित प्रतिनिधित्व हो सके।