मजीठा के गांव हमजा के पास रविवार सुबह एएसआई जोगा सिंह की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। इस हत्याकांड के संबंध में आतंकी संगठन तहरीक-ए-तालिबान हिंदुस्तान ने 27 सेकेंड का वीडिया जारी किया है।
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वीडियो के आरंभ में अल्ला हू अकबर बार-बार कहकर पंजाबी भाषा और उर्दू भाषा में आतंकी संगठन का नाम लिखा दिखाया गया है। उसके बाद मजीठा की उस सड़क को दिखाया गया है, जहां एएसआई की निर्मम हत्या की गई।
वीडियो 12वें सेकेंड में पहुंचने पर बाइक सवार हत्यारे काले रंग की एक्टिवा पर जा रहे एएसआई जोगा सिंह पर पहला फायर करते हैं। गोली लगते ही एएसआई एक्टिवा से सड़क किनारे गिर जाते हैं। इसके बाद आतंकी अपनी बाइक साइड में लगाकर एएसआई के नजदीक पहुंचते हैं और दूसरा फायर करके जोगा सिंह की हत्या कर देते हैं।
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वीडियो के अंत में लिखा गया है कि आरएसएस रुको। यह कुछ भी नहीं था। आगे आने वाला तूफान है। वीडियो को भी पुलिस की ओर से खंगाला जा रहा है। इसके आधार पर आरोपियों का पता लगाने की कोशिश की जा रही है।
वहीं जोगा सिंह का पोस्टमार्टम करवाने के बाद बुधवार को उनके पैतृक गांव घनिण के बांगर में अंतिम संस्कार किया गया। राजकीय सम्मान के साथ उनका संस्कार हुआ। पुलिस की ओर से हथियार उल्टे कर उन्हें सलामी दी गई।
पुलिस के हाथ भी खाली
अमृतसर के कस्बा मजीठा के गांव हमजा के पास की गई एएसआई जोगा सिंह की हत्या मामले में पुलिस के हाथ तीन दिन बाद भी खाली हैं।
मामले में लगातार दबिश दी जा रही और संदिग्ध लोगों से पूछताछ की जा रही है, लेकिन अब तक आरोपियों का कोई ठोस सुराग पुलिस को नहीं मिल पाया है।
पुलिस ने अमृतसर सहित, गुरदासपुर, बटाला, फतेहगढ़ चूड़ियां और आसपास के कई इलाकों में दबिश दी है। कुछ संदिग्धों को हिरासत में लेकर पूछताछ भी की जा रही है। वहीं जांच एजेंसियां वारदात के हर पहलू को ध्यान में रखकर जांच आगे बढ़ा रही हैं।
पाकिस्तान निर्मित थी इस्तेमाल की गई गोलियां
जांच के दौरान यह भी सामने आया है कि घटना में इस्तेमाल की गई गोलियां पाकिस्तान निर्मित थीं। इसके बाद सुरक्षा एजेंसियां भी सतर्क हो गई हैं। पुलिस इस एंगल पर भी जांच कर रही है कि कहीं इस वारदात के तार सीमा पार बैठे नेटवर्क से तो नहीं जुड़े हैं।
इसके अलावा सोशल मीडिया पर एक आतंकी संगठन द्वारा हत्या की जिम्मेदारी लेने संबंधी वायरल पोस्ट की भी जांच की जा रही है। फिलहाल पुलिस ने इस दावे की आधिकारिक पुष्टि नहीं की है लेकिन साइबर टीम और जांच एजेंसियां पोस्ट की सत्यता खंगालने में जुटी हैं।