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Punjab: गोल्डन टेंपल में कुल्ला करने वाले मुस्लिम युवक को अमृतसर लाई पुलिस, कोर्ट में पेश, 3 दिन के रिमांड पर

Wed, 28 Jan 2026 05:13 PM IST
अंकेश ठाकुर संवाद न्यूज एजेंसी, अमृतसर (पंजाब)

सार

दिल्ली निवासी सुब्हान रंगरीज 13 जनवरी को गोल्डन टेंपल पहुंचा था। आरोप है कि उसने सरोवर में बैठकर कुल्ला किया और वहीं थूक दिया। इस दौरान उसके साथी ने वीडियो भी रिकॉर्ड किया, जो बाद में सोशल मीडिया पर वायरल हो गया।
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आरोपी युवक को कोर्ट में पेश करने ले जाती पुलिस। - फोटो : वीडियो ग्रैब
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विस्तार
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अमृतसर स्थित हरमंदिर साहिब (गोल्डन टेंपल) के पवित्र सरोवर में कुल्ला करने वाले आरोपी मुस्लिम युवक को पुलिस ने बुधवार को कोर्ट में पेश किया, जहां से अदालत ने उसे तीन दिन की पुलिस रिमांड पर भेजा है। पंजाब पुलिस बुधवार को आरोपी सुब्हान रंगरीज को गाजियाबाद से अमृतसर लेकर आई और अदालत में पेश किया। शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी (एसजीपीसी) की शिकायत पर पुलिस ने आरोपी के खिलाफ धार्मिक भावनाएं आहत करने का मामला दर्ज किया है।
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दिल्ली निवासी सुब्हान रंगरीज 13 जनवरी को गोल्डन टेंपल पहुंचा था। आरोप है कि उसने सरोवर में बैठकर कुल्ला किया और वहीं थूक दिया। इस दौरान उसके साथी ने वीडियो भी रिकॉर्ड किया, जो बाद में सोशल मीडिया पर वायरल हो गया। पुलिस के अनुसार आरोपी सुब्हान अपने भाई के मेडिकल स्टोर पर काम करता है। 

24 जनवरी को यूपी के गाजियाबाद में निहंगों ने युवक को पकड़कर पुलिस के हवाले कर दिया था। तब से वह गाजियाबाद पुलिस की हिरासत में था। मामले को लेकर पाकिस्तानी गैंगस्टर शहजाद भट्टी ने भी सोशल मीडिया पर प्रतिक्रिया दी और सभी धर्मों के पवित्र स्थलों के सम्मान की अपील की। पुलिस अब आरोपी से पूछताछ कर घटना के पीछे की मंशा और वीडियो वायरल होने के पहलुओं की जांच कर रही है।
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एसजीपीसी ने युवक के खिलाफ दी थी शिकायत
सच्चखंड श्री दरबार साहिब की पवित्र मर्यादा का उल्लंघन करने के मामले में शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक समिति (एसजीपीसी) ने सख्त रुख अपनाते हुए युवक सुब्हान के खिलाफ कानूनी कार्रवाई करने का फैसला लिया था। एसजीपीसी ने अमृतसर पुलिस कमिश्नर को लिखित शिकायत देकर मामला दर्ज करवाया था।

एसजीपीसी के कानूनी सलाहकार अमरबीर सिंह सियाली ने बताया कि इस संवेदनशील मामले की कई दिनों तक गहन जांच की गई, जो अब पूरी हो चुकी है। जांच में सामने आया है कि युवक की नीयत श्रद्धा के साथ माथा टेकने की नहीं थी और उसकी गतिविधियां सिख मर्यादा के अनुरूप नहीं पाई गईं।

उन्होंने स्पष्ट किया कि युवक द्वारा सोशल मीडिया के माध्यम से मांगी गई माफी सिख मर्यादा के अनुसार स्वीकार्य नहीं है। एसजीपी ने कहा कि धार्मिक स्थलों की पवित्रता से किसी भी तरह का खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। ऐसी घटनाएं संगत की धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाती हैं, इसलिए दोषी के खिलाफ कड़ी कार्रवाई जरूरी है।
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