डायरेक्ट रेवेन्यू इंटेलिजेंस विभाग (डीआरआई) से बर्खास्त एएसआई के केस में नए खुलासे सामने आए हैं। अजनाला पुलिस की प्राथमिक जांच में उसने बताया कि वह अब तक पाकिस्तान से 40 किलो हेरोइन देश से लेकर विदेश तक पहुंचा चुका है।
सारी खेप सरहद पार से उसे काला, अनवर, पट्टी नामक तीन तस्कर कंटीली तारों के पास उसकी 7-8 एकड़ जमीन जिसपर वह खेती करता था वहां आकर देते थे। इसके बाद वह भारत के अलावा विदेशों में इसकी सप्लाई करता था।
उसने जांच में यह भी कबूला है जिस दिन सरहद पार से तस्करों की बीएसएफ के साथ मुठभेड़ हुई थी उस वक्त तस्कर उसे 13 किलो हेरोइन के अलग-अलग पैकेट देने आए थे लेकिन उससे पूर्व बीएसएफ के जवानों ने फायरिंग शुरू कर दी। इसके बाद पाक तस्कर अपनी पिस्तौल छोड़कर वहां से भाग गए।
उसने बताया कि इससे पूर्व उसकी फोन पर पाक में बैठे तस्करों से बातचीत हुई थी। उसने उनसे हेरोइन की खेप लेकर पंजाब से दिल्ली तक पहुंचानी थी। वहां से नशा विदेश भेजना था लेकिन उससे पूर्व ही थाना अजनाला पुलिस के हत्थे रंजीत सिंह चढ़ गया।
उसने यह भी बताया कि 2014 में उसने छह किलों और 13 किलों हेरोइन सरहद पार से तस्करों से ली थी। 2015 में उसने 21 किलो हेरोइन देश के कई हिस्सों में पहुंचाई।
जानकारी में पता चला है कि 2012 में जब रंजीत सिंह अटारी रेलवे स्टेशन पर गिरफ्तार हुआ था उस वक्त उसके पास से 23 किलो हेरोइन बरामद हुई थी लेकिन वह वहां से भाग निकला था। जानकारी के अनुसार थाना अजनाला पुलिस से रंजीत को काउंटर इंटेलीजेंस की टीम पूछताछ के लिए साथ ले गई है।