पलाही गेट क्षेत्र में सात मई को पांच नकाबपोश लुटेरों के एक ट्रांसपोर्टर के घर में घुसकर उसकी पत्नी को बेहोश कर लाखों की नगदी और जेवर लूटने के मामले को पुलिस जांच में झूठा पाया गया है।
एसपी फगवाड़ा अजिंदर सिंह ने साफ किया कि ट्रांसपोर्टर की पत्नी ने सारा ड्रामा रचा था और पुलिस को मनगढ़ंत कहानी सुनाकर गुमराह किया गया। एसपी ने साफ किया कि पुलिस लूटे गए पांच लाख रुपये भी महिला की बताई जगह से बरामद करने जा रही है। महिला के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
एसपी अजिंदर सिंह ने बताया कि कुलदीप सिंह बसरा वासी पलाही गेट ट्रांसपोर्ट का काम करते हैं और 7 मई को काम के सिलसिले में हिमाचल प्रदेश गए थे। उनकी पत्नी परमजीत कौर ने शिकायत में बताया कि वह घर में अकेली थी। लुटेरे घर में घुस गए।
उन्होंने परमजीत कौर से घर में पड़े असलहे के बारे में पूछा। न बताने पर उन्होंने मारपीट कर उसे कुछ सुंघाकर बेहोश कर दिया तथा नगदी व जेवर लेकर फरार हो गए। करीब सवा दो बजे उनकी नौकरानी आई तो देखा कि परमजीत कौर बेहोश पड़ी थी। परमजीत कौर ने उस समय छह लाख रुपये के गहने और नगदी लूटे जाने की बात कही थी। पुलिस ने अज्ञात लुटेरों के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू की।
एसपी सिंह ने बताया कि सिटी थाना प्रभारी रमनदीप सिंह की अगुवाई में एएसआई गुरदेव सिंह ने मामले की जांच में उसके पति कुलदीप सिंह को शामिल किया तो उसने बताया कि उसके घर में किसी ने चोरी नहीं की है। न ही उसकी पत्नी को बेहोश किया गया था।
पुलिस पड़ताल के दौरान सामने आया कि परमजीत कौर ने अपने मायके वालों को पैसे देने के लिए लूट का ड्रामा रचा था। एसपी सिंह ने बताया कि मामले में सिर्फ पांच लाख रुपये जाने की बात साबित हुई है, कोई गहने नहीं गए। पैसे परमजीत कौर ने कही रखे हैं, जिसके बरामद कर उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।