ज्यूडिशियल मजिस्ट्रेट फर्स्ट क्लास की अदालत ने पैसों के लेन देन में जारी चेक के डिसऑनर होने के मामले में दोषी कंवलप्रीत सिंह बसंत को एक वर्ष की सजा और पांच हजार रुपये जुर्माने की सजा दी है।
जुर्माना न देने की सूरत में एक माह की अधिक सजा काटनी पड़ेगी। दोषी लुधियाना के प्रसिद्ध बसंत रिसोर्ट और बसंत आइसक्रीम के बसंत ग्रुप ऑफ कंपनीज का मैनेजिंग डायरेक्टर है।
शिकायतकर्ता सेठ नवदीप कुमार अग्रवाल निवासी होशियारपुर ने बताया कि अगस्त 2011 में बसंत ग्रुप ऑफ कंपनी के मैनेजिंग डायरेक्टर कंवलप्रीत सिंह बसंत निवासी मलहर रोड सराभा नगर लुधियाना ने उससे यह कह कर पांच लाख रुपये लिए कि उसने लुधियाना में बसंत प्लाजा खोलना है।
वह यह रकम 2-3 माह में लौटा देगा। अग्रवाल ने बताया कि उन लोगों के साथ पहले भी पैसों का लेन देन करने के विश्वास पर उसने पैसा दे दिया। पैसे वापस करने की तारीख खत्म होने पर जब उसने पैसे मांगे तो आरोपी ने टाल मटोल करना शुरू कर दिया।
इसके बाद वह परिवार सहित कई बार आरोपी से मिलने लुधियाना गया। 30 दिसंबर 2011 को उसको एक चेक नंबर 491241 पंजाब एंड सिंध बैंक गुरुद्वारा कलगीधर रोड का दिया गया। जब उसने इस चेक को अपने खाते में लगाया तो आरोपी के खाते में पैसे न होने के कारण चेक 3 जनवरी 2012 को बाउंस हो गया।
आरोपी के कहने पर उसने दोबारा यह चेक 30 मार्च और 29 जून 2012 को लगाया लेकिन दोनों बार यह बाउंस हो गया। इसके बाद उसने आरोपी को 27 जुलाई 2012 को कानूनी नोटिस भेजा। उसने बताया कि पैसे समय पर न मिलने के कारण उसकी फसल का भी नुकसान हो गया।