संगठित अपराध पर पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए गैंगस्टर जग्गू भगवानपुरिया से जुड़े एक सक्रिय क्रिमिनल नेटवर्क को निष्क्रिय कर दिया। इस कार्रवाई से शहर में होने वाली संभावित टारगेट किलिंग टल गई। पुलिस ने बिहार निवासी युवक समेत पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया है। मुठभेड़ के दौरान एक आरोपी को पैर में गोली लगी। उसे हॉस्पिटल में दाखिल करवाया गया है।
पुलिस कमिश्नर गुरप्रीत सिंह भुल्लर ने बताया कि 7 जनवरी को पुतलीघर चौक क्षेत्र में गश्त के दौरान पिंपटी गेस्ट हाउस के पास हथियारबंद बदमाशों की मौजूदगी की पुख्ता सूचना मिली थी। जांच में सामने आया कि कुलविंदर सिंह उर्फ बिल्ला निवासी गुरदासपुर अपने साथियों विक्रम सिंह उर्फ मामन निवासी गुरदासपुर, मनप्रीत सिंह उर्फ बूरा निवासी गुरदासपुर, आदित्य राज निवासी नालंदा बिहार और गुरप्रीत सिंह उर्फ गोपी निवासी अमृतसर के साथ मिलकर एक आपराधिक गिरोह चला रहा था। यह गिरोह विदेश में बैठे गैंगस्टर अमृत दलम और केशव शिवाला के निर्देशों पर एक्सटॉर्शन और टारगेट किलिंग की तैयारी में था।
पुलिस ने तत्काल कार्रवाई करते हुए मौके से तीन आरोपियों कुलविंदर सिंह, गुरप्रीत सिंह ओर विक्रम सिंह को वरना कार, दो तलवारें और एक कुल्हाड़ी समेत गिरफ्तार कर लिया। जबकि दो आरोपी फरार हो गए थे। वीरवार को अन्य दो आरोपियों के बारे में सूचना मिली थी, जिसके तहत पुलिस टीम ने मीराकोट इलाके में घेराबंदी की। खुद को घिरता देख आरोपी आदित्य राज उर्फ आदित्य ने पुलिस पर फायरिंग कर दी, जिसमें एक गोली सरकारी वाहन को लगी। जवाबी कार्रवाई में पुलिस की गोली उसके पैर में लगी और उसे काबू कर लिया गया।
तलाशी में आरोपी आदित्य से 9 एमएम ग्लॉक पिस्टल और कुलविंदर सिंह उर्फ बिल्ला से .32 बोर पिस्टल बरामद हुई। पुलिस का कहना है कि आदित्य राज का सीधा संपर्क गैंगस्टर जग्गू भगवानपुरिया से था। सभी आरोपियों के खिलाफ कैंटोनमेंट थाने में गंभीर धाराओं में केस दर्ज कर नेटवर्क की कड़ियां खंगाली जा रही हैं।