बठिंडा और मानसा के एडीसी (जनरल) की सरकारी कोठी से उनके नौकर ने चोरी कर ली। पुलिस ने जांच कर नेपाली नौकर को पकड़ने के लिए एक विशेष टीम को भारत-नेपाल के टनकपुर बार्डर के लिए रवाना कर दिया है।
एडीसी बठिंडा सुमित जारंगल और उनकी पत्नी एडीसी जनरल मानसा ईशा कालिया बठिंडा के सिविल लाइन क्षेत्र स्थित सरकारी आवास स्थान कोठी नंबर डी-12 में रहते हैं। दोनों शनिवार को अपनी रिश्तेदारी में हरियाणा के जिला फतेहाबाद गए थे।
वे जाते समय तीन दिन पहले रखे नेपाली नौकर प्रकाश को अपनी कोठी में खड़ी गाड़ी होंडा सिटी की चाबियां दे गए थे। शनिवार देर रात नौकर दंपति के घर से लैपटॉप, कार समेत जरूरी सामान लेकर फरार हो गया। घर पहुंचे दंपति ने सामान बिखरा देखकर इसकी सूचना पुलिस को दी।
थाना सिविल लाइन पुलिस ने मौके पर पहुंचकर मामले की जांच शुरू कर दी है। मामले की जांच कर रहे डीएसपी सिटी टू जनक राज सिंह ने बताया कि एडीसी दंपति के बयान पर नेपाली नौकर प्रकाश के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है।
खुद मियां फजीहत दूसरों को नसीहत
‘खुद मियां फजीहत दूसरों को नसीहत’ कहावत एडीसी दंपति पर सटीक बैठती है। क्योंकि एडीसी होने के चलते उक्त दंपति आम लोगों के लिए फौजदारी धारा के तहत सूचित करता है कि घर, दुकान और अन्य जगह पर कोई भी प्रवासी नौकर रखते समय उसका पूरा ब्योरा संबंधित पुलिस थाने में दर्ज करवा उसकी पुलिस से वेरिफिकेशन करवाई जाए।
वहीं उक्त एडीसी दंपति ने ऐसा नहीं किया। इसकी पुष्टि थाना सिविल लाइन के कार्यकारी थाना प्रभारी एसआई जरनैल सिंह ने की है। उन्होंने बताया कि तीन दिन पहले ही एडीसी ने नेपाली नौकर रखा था, लेकिन उसका कोई भी ब्योरा थाने में दर्ज नहीं करवाया।