चीफ जुडीशियल मजिस्ट्रेट शैरेल सोई की अदालत में गवाही देने आए अमित भंडारी को प्रतिवादी पक्ष जसकरण सिंह उर्फ करण ने जज के सामने ही जान से मारने की धमकी दे डाली।
अमित के वकील विजयंत खन्ना ने जज से इसका नोटिस लेने को कहा है। मामले को गंभीरता से लेते हुए उन्होंने मुख्यमंत्री प्रकाश सिंह बादल व पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश, पुलिस कमिश्नर अमृतसर जतिंदर सिंह औलख को इसकी शिकायत दी।
दिसंबर वर्ष 2010 में जसकरण ने अपने साथियों के साथ अमित भंडारी पर हमला कर दिया था। उस समय वह पुतलीघर स्थित अपनी कैमिस्ट शॉप में बैठे हुए थे।
पुलिस ने जांच के बाद जसकरण और उसके साथियों पर मामला दर्ज किया था। मामला कोर्ट में है। बुधवार को अमित को गवाही के लिए बुलाया गया था।
अमित अपने दोस्त सविंदर पाल सिंह के साथ कोर्ट पहुंचे थे। उनके साथ एडवोकेट विजयंत खन्ना भी थे। अमित ने जैसे ही गवाही देनी शुरू की उनके पास ही खड़ा जसकरण उन्हें जान से मारने की धमकियां देने लगा।
इसपर अमित और उनके वकील विजयंत ने जज से नोटिस लेने की अपील की। जज ने जसकरण को अपने व्यवहार पर काबू करने को कहा और अमित को वहां से जाने को कहा। अमित के जाने के कुछ समय बाद जसकरण को चेतावनी देकर छोड़ दिया गया।