पंजाब स्टेट पावर कार्पोरेशन लिमिटेड (पीएसपीसीएल) की करोड़ों की बिजली सरकारी विभाग बिना बिल चुकाए इस्तेमाल कर रहे हैं।
सर्किल कपूरथला के करीब 21 सरकारी विभाग सालों से डिफाल्टर चल रहे हैं। डीसी कार्यालय समेत इन विभागों पर पावरकॉम की करीब 10.56 करोड़ की राशि बकाया है। इनमें पब्लिक हेल्थ की देनदारी सबसे ज्यादा 6.41 करोड़ रुपये की है।
कपूरथला सर्किल अधीन पांच डिवीजनों कपूरथला सिटी, सब-अर्बन, सिटी नकोदर, सब-अर्बन नकोदर व करतार डिवीजन के अधीन पहली छिमाही में 21 विभागों की करोड़ों की देनदारी है। यह राशि सालों से लगातार बढ़ती जा रही है। पार्ट पेमेंट की अदायगी के बाद शेष राशि पर फिर अगला बिल चढ़ जाती है। पावर कॉम बकाएदार विभागों को रिमाइंडर पर रिमाइंडर भेजने तक सीमित है।
इसमें सबसे पहला नंबर पब्लिक हेल्थ-वाटर वर्क्स का है, जोकि 6.41 करोड़ रुपये की राशि बकाया है। दूसरे नंबर पर सरकारी अस्पताल व डिस्पेंसरियां का नाम आता है। इस पर बकाया राशि 1.39 करोड़ है। तीसरे नंबर पर नगर काउंसिल है, जिसका बिजली बिल 80.75 लाख रुपये बकाया है।
ग्राम पंचायतों पर 54.42 लाख, माडर्न जेल पर 52.92 लाख, पंजाब पुलिस पर 37.67 लाख, तहसील कांप्लेक्स पर 27.45 लाख रुपये की राशि बकाया है।
इसके अलावा डीसी आफिस पर 3.09 लाख, सरकारी स्कूल, आईटीआई पर 3.64 लाख, बीएसएनएल पर 3.54 लाख, एसडीएम आफिस पर 2.89 लाख, पीएसटीसी पर 1.70 लाख, पीडब्ल्यूडी (बीएंडआर) पर 1.28 लाख रुपये की अदायगी पेंडिंग है।
पीडब्ल्यूडी 80 हजार, पशु पालन विभाग 19 हजार, खाद्य व आपूर्ति विभाग 13 हजार, सीवरेज विभाग 4 हजार, जिला परिषद 45 हजार, भलाई विभाग 25 हजार तथा ईओ 94 हजार व अन्य विभागों पर 2.57 लाख की राशि बकाया सहित कुल 5.37 लाख की डिफाल्टिंग अमाउंट पेंडिंग चल रही है।
सभी डिफाल्टर विभागों को हर माह बिल और नोटिस बराबर भेजा जा रहा है। अलग से रिमाइंडर भी भेजे जा रहे हैं। वसूली के लिए विभागीय उच्चाधिकारियों के संज्ञान मैें मामला लाया जाएगा। उनके निर्देशानुसार अगली कार्रवाई अमल में लाई जाएगी। - कंवर जसवंत सिंह, डिप्टी चीफ इंजीनियर पावरकॉम