एनसीडीसी के गोदाम से 21973 बोरी गेहूं का गबन
मार्कफेड के दो कर्मचारियों के खिलाफ मामला दर्ज, गिरफ्त से बाहर
अमर उजाला ब्यूरो
बटाला। राष्ट्रीय सहकारी विकास निगम (एनसीडीसी) के गोदाम में रखे करोड़ों के गेहूं के गबन के आरोप में मार्कफेड के मैनेजर और कस्टोडियन के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है। फिलहाल दोनों आरोपी पुलिस हिरासत से बाहर हैं। घोटाले का खुलासा तब हुआ जब मार्कफेड के उच्च अधिकारी ने रूटीन चेकिंग की। पुलिस थाना सिविल लाइन ने यह मामला मार्कफेड के जिला मैनेजर इंद्रजीत सिंह के बयान पर दर्ज किया है।
मार्कफेड गुरदासपुर के जिला मैनेजर इंद्रजीत सिंह ने बताया कि बटाला में राष्ट्रीय सहकारी विकास निगम के गोदाम से गेहूं की 21 हजार 973 बोरियां गायब पाई गई हैं। उनकी कीमत दो करोड़ 56 लाख 77 हजार 891 रुपये बनती है। डीएम ने बताया कि मनमीत सिंह वासी गांव फज्जुपुरा गोदाम का मैनेजर था और जसवंत सिंह वासी गांव रमदास करीब 16 साल से गोदाम में बतौर कस्टोडियन तैनात था। डीएम ने बताया कि मार्कफेड की ओर से बटाला और आसपास की मंडियों से गेहूं खरीदकर गोदाम में स्टोर किया गया था। दोनों कर्मचारी गेहूं की संभाल के लिए जिम्मेदार थे। 28 सितंबर को मार्कफेड के टेक्निकल अफसर ने गोदाम में आकर रूटीन स्टॉक की चेकिंग की। चेकिंग के दौरान वर्ष 2017-2018 में खरीदी गई गेहूं की 21973 बोरियां, जिन का वजन 10986.4 क्विंटल बनता है गायब पाई गई। डीएम ने बताया, कि उक्त दोनों कर्मचारियों की मिलीभगत से सरकारी गेहूं में गबन किया गया है। उन्होंने इसकी शिकायत थाना सिविल लाइन की पुलिस को दी है। वहीं डीएम ने बताया कि विभागीय जांच के बाद दोनों ही कर्मियों को बर्खास्त कर दिया गया है। थाना सिविल लाइन के एसएचओ परमजीत सिंह ने बताया कि दोनों कर्मियों के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया गया है।