एटीएस ने दबोचा गैंगस्टर कंदोवलिया का फाइनेंसर
नोटबंदी में चार करोड़ रुपये बदलवाने का आरोप
एसएचओ की कुर्सी पर बैठता था मोहित शिंगारी
अमर उजाला ब्यूरो
अमृतसर।
गैंगस्टर राणा कंदोवालिया के फाइनेंसर साथी को एसटीएफ ने दबोच लिया है। एसटीएफ की गिरफ्त में मोहित शिंगारी के साथ पूछताछ चल रही है। अभी तक यही खुलासा हुआ है कि मोहित शिंगारी गैंगस्टरों को पैसा मुहैया करवाया करता था। उन्हें पनाह दिलाने में मदद करता था। फिलहाल मोहित शिंगारी की गिरफ्तारी की अधिकारिक पुष्टि कोई अधिकारी नहीं कर रहा है। सूत्रों की माने तो मोहित शिंगारी ने नोट बंदी के दौरान चार करोड़ की करेंसी बदलवाई थी, जब आम जनता दो हजार के लिए लाइनों में लगी थी।
मोहित शिंगारी ब्याज के धंधे का बेताज बादशाह बताया जाता है। कर्ज देकर मनमानी रकम वसूलने के लिए मोहित शिंगारी का कोई सानी नहीं है। सियासी साथ इतना है कि उसने बीते निगम चुनाव में अपने चहेते को विजयी बनाने के लिए साम, दाम, दंड व भेद का इस्तेमाल किया। रुतबे की बात करे तो वहथाने में एसएचओ की कुर्सी पर बैठता था। मोहित का दबदबा इतना था कि उसके नाम से ही पुलिस वाले थर्राया करते थे। मोहित शिंगारी की गिरफ्तारी के बाद उसके बारे में जानकारी देने के लिए कुंवर विजय प्रताप सिंह (एटीएस, प्रमुख) व पुलिस कमिश्नर एसएस श्रीवास्तव मीडिया से बचते रहे। मोहित शिंगारी की क्राइम हिस्ट्री खुलने के बाद नए-नए खुलासे सामने आने लगे हैं। बताया जाता है कि मोहित शिंगारी का इतना प्रभाव था कि पुलिस भी उसे मोहित सर कहा करती थी।
कई गैंगस्टर भाजपा छोड़ कांग्रेस से जुड़े
शहर में कई गैंगस्टरों के ऐसे चेहरे हैं जो पिछले दस वर्षों तक अकाली या भाजपाई हुआ करते थे, उनके साथ चला करते थे। सूबे सत्ता बदलने के साथ ही इन गैंगस्टरों ने पाला बदल लिया है। अमृतसर के एक कांग्रेस नेता के साथ ऐसे गैंगस्टरों की तस्वीरें फेसबुक पर दिखने लगी हैं। मोहित शिंगारी की बात करे तो उसकी एक फोटो फेसबुक पर साथियों संग हथियारों के साथ है, जिस पर मोहित के चहेतों ने लाइक किया है।