छह साल में रुपये डबल करने का झांसा देकर ठगे 2.35 करोड़
पांच माह की जांच के बाद कंपनी के एमडी और मैनेजर पर केस दर्ज
पांच सौ लोगों से की थी ठगी, आर्थिक अपराध शाखा ने की जांच
अमर उजाला ब्यूरो
तरनतारन। छह साल में पैसे दोगुने करने का दावा करने वाली एक निजी कंपनी ने 500 से अधिक लोगों से करीब 2 करोड़ 35 लाख रुपये ठग लिए। शिकायत मिलने पर आर्थिक अपराध शाखा ने जांच की। करीब पांच माह की जांच के बाद थाना सिटी में कंपनी के एमडी और मैनेजर के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया गया।
शिकायतकर्ता के मुताबिक भाई गुरदास जी नगर निवासी रविंदर सिंह सिद्धू ने 1993 में रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया डिपार्टमेंट ऑफ नान मैसर्ज सुपरविजन चंडीगढ़ के नाम पर कंपनी बनाई थी। इसके बाद अलग-अलग नामों से तीन और कंपनियां खोलकर लोगों को छह साल में पैसा डबल करने का झांसा देकर पैसे जमा करवाए। पुलिस को दी शिकायत में थेह कल्ला निवासी तरलोचण सिंह ने बताया था कि उसने 2008 में कंपनी ज्वाइन की। इसके अतिरिक्त करीब 500 और लोगों ने कंपनी में पैसे लगाए। कंपनी के डायरेक्टर रविंदर सिंह सिद्धू और मैनेजर गुरजीत कौर पत्नी सुखविंदर सिंह निवासी सुरसिंह ने उक्त लोगों से 2.35 करोड़ की रकम ठगी। यह राशि आरडीएफडी, एमआइएस योजनाओं के तहत लोगों से लगवाई गई थी। तरलोचन सिंह ने एक अक्तूबर 2018 को पुलिस को शिकायत दी थी। आर्थिक अपराध शाखा की जांच के आधार पर आधार पर थाना तरनतारन सिटी पुलिस ने रविंदर सिंह सिद्धू और गुरजीत कौर के खिलाफ केस दर्ज कर लिया।
छत्तीसगढ़ में भी दर्ज है मामला
बताया जा रहा है कि पिछले साल अक्तूबर में करोड़ों की ठगी के मामले में इस कंपनी पर छत्तीसगढ़ के रायपुर में भी केस दर्ज है। इस मामले में कंपनी के डायरेक्टर रविंदर सिंह और डिप्टी डायरेक्टर खजान सिंह चट्ठा को वहां की पुलिस ने गिरफ्तार किया था। इस समय दोनों आरोपी जेल में हैं। कंपनी की मैनेजर गुरजीत कौर ने कहा कि कंपनी ने उसे छह माह का वेतन नहीं दिया जिस कारण वह सितंबर 2018 में कंपनी छोड़ चुकी है। उसका इस मामले से कोई संबंध नहीं है।