सरपंच ने पंचायती जमीन से कटवाए बांस और सफेदे के पेड़
पूर्व सरपंच ने लगाया आरोप, सरपंच ने आरोपों को सिरे से नकारा
अमर उजाला ब्यूरो
पठानकोट। गांव भब्बर में पंचायती जमीन पर लगे सैकड़ों बांस के पौधे जमीन से उखाड़ने का मामला सामने आया है। गांव के पूर्व सरपंच सुरेश सिंह ने जंगलात विभाग और विधायक को शिकायत दी है।
पूर्व सरपंच ने बताया कि गांव के मौजूदा सरपंच वरियाम सिंह ने नियमों को ताक पर रख प्रशासन को सूचित किए बिना पंचायत की जमीन पर लगे बांस के पौधे जड़ से उखाड़ दिए। साथ ही करीब सौ सफेदे के पेड़ों को नष्ट कर दिया। उन्होंने आरोप लगाया कि मौजूदा सरपंच ने पंचायत की सात कनाल जमीन पर भी कब्जा किया हुआ है।
इसके अलावा कुछ दिन पहले गांव की पंचायत की जमीन से आम के पेड़ भी काटे गए थे। पूर्व सरपंच ने कहा कि अब पंचायत की भूमि से जड़ों समेत बांस के पौधे उखाड़कर फेंके गए हैं। उन्होंने कहा कि यही नहीं जब उन्हें पता चला की उक्त उखाड़े गए पौधों को बेचने की तैयारी की जा रही है तो उन्होंने मौके पर जाकर इसका जायजा लिया तो उन्हें ऐसा करने से रोका गया। उन्होंने कहा कि इसके बारे कांग्रेस प्रदेश सचिव ठाकुर अमित मंटू व विधायक दिनेश सिंह बब्बू को भी सूचित किया गया है। इस सबको लेकर अगर जल्द ही प्रशासन की ओर से कोई कार्रवाई नहीं होती है तो उनकी ओर से ग्रामीणों के साथ डिफेंस रोड पर धरना देकर ट्रैफिक जाम करेंगे।
वहीं, मौजूदा सरपंच वरियाम सिंह ने सारे आरोपों को नकारते कहा कि उनकी ओर से किसी भी तरह की पंचायती जमीन पर कब्जा नहीं किया है। पंचायत की जमीन से बांस के पौधे काटे जाने को लेकर उन्होंने बिजली विभाग को कहा था लेकिन बांस के पौधे जड़ों से उखाड़े गए हैं इसकी उन्हें कोई जानकारी नहीं है। उन्होंने कहा कि उक्त जमीन के ऊपर से बिजली की हाई वोल्टेज की तारें निकलती हैं। इसके चलते उक्त बांस के पौधों की ऊंची शाखाओं के साथ तारें टकराने के कारण तीन बार गांव का ट्रांसफार्मर जल चुका है। उनके ऊपर लगाए सारे आरोप गलत हैं। वहीं डीएफओ डॉ. संजीव तिवारी का कहना है कि अगर उक्त गांव जंगलात विभाग के सेक्शन-4 में आता है तो सख्त कार्रवाई की जाएगी। लोग पेड़ों को सहेजें न कि काटें। गांव के सरपंच ने परमिशन नहीं ली और पेड़ काट दिए हैं तो सख्त से सख्त कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।
फोटो:-12-जड़ से उखाड़े बांस के पेड़ दिखाते पूर्व सरंपच और तोड़े हुए पेड़।