एसआईटी को चड्ढा की मौत के जिम्मेदार की तलाश
आत्महत्या या हत्या हो रही है जांच, सुसाइड नोट की होगी फोरेंसिक जांच
अमर उजाला ब्यूरो
अमृतसर।
चीफ खालसा दीवान (सीकेडी) के पूर्व उपाध्यक्ष इंद्रप्रीत सिंह चड्ढा की आत्महत्या अब जांच अधिकारियों के गले नहीं उतर रही है। जिस तरह से उनकी आत्महत्या की कहानी पुलिस ने पेश की है, उस पर स्पेशल इंवेेस्टीगेशन टीम को एतबार नहीं है। यही वजह है कि इस मामले की जांच कर रहे आईजी क्राइम एलके यादव ने आत्महत्या से लेकर सुसाइड नोट को लेकर दोबारा छानबीन के आदेश दिए हैं।
मंगलवार को स्पेशल टीमें पुलिस की फाइलों से चड्ढा की आत्महत्या को लेकर डिटेल नोट करते रहे। अमर उजाला ने आईजी क्राइम एलके यादव से बात की तो उन्होंने दो टूक शब्दों में कहा कि चड्ढा ने आत्महत्या की या हत्या हुई, इसकी जांच चल रही है और चड्ढा के सुसाइड नोट का फोरेंसिक जांच होगी कि यह नोट उन्होंने कब लिखे हैं।
चड्ढा की आत्महत्या को लेकर मीडिया के सवाल उठाने के बाद एसआईटी खामोश है। उधर, जांच कर रही अमृतसर पुलिस भी चुप है। मीडिया के सवालों के आगे खाकी वाले इस लिए कुछ बोल नहीं रहे हैं क्योंकि सबूत कैमरे में कैद हो चुके हैं। जिस तरह से इंद्रप्रीत की लाइसेंसी पिस्टल कवर में मिली, उसके बाद सवाल उठने लगा की चड्ढा की मौत किस पिस्टल से हुई। क्योंकि कार में चड्ढा व ड्राइवर ही थे। ड्राइवर भूमिगत है और चड्ढा अब इस दुनिया में नहीं, ऐसे में सबूत कौन पेश करे। आईजी क्राइम एलके यादव मानते हैं कि इस मामले में कई पेंच हैं। उन्होंन बताया सुसाइड नोट जो मिलेंगे उसकी फोरेंसिक जांच होगी और चड्ढा ने आत्महत्या की या हत्या हुई, यह जांच एसआईटी कर रही है।
चड्ढा आत्महत्या को लेकर उठ रहे हैं सवाल
चड्ढा ने आत्महत्या के पहले 37 पेजों को सुसाइड नोट लिखा, जिसे फोरेंसिक जांच के लिए भेजा जाएगा। मनोचिकित्सक के अनुसार आत्महत्या करने के लिए एक पल काफी है, इतना बड़ा सुसाइड नोट लिखना समझ से परे है। चरणजीत सिंह चड्ढा को ब्लैकमेलिंग करने का मामला जालंधर में दर्ज हुआ और आरोपी को अमृतसर से गिरफ्तार किया गया। इंद्रप्रीत चड्ढा ने सुसाइड नोट में छोटे भाई हरजीत सिंह को आरोपी बताया लेकिन बाद में माफ कर दिया। चड्ढा के सुसाइड नोट पर एफआईआर क्यों नहीं। पिस्टल जब कवर बंद मिली तो चड्ढा की मौत कैसे हुई। अश्लील वीडियो में दिख रही महिला कहां गई। चड्ढा की जब अश्लील वीडियो को लेकर ब्लैकमेलिंग हुई तो उसके गुर्गों ने आखिरकार जालंधर में क्यों मामला दर्ज करवाया। चड्ढा को सितंबर 2017 में ब्लैकमेल करने वाले चार लोगों को जालंधर पुलिस ने गिरफ्तार तो कर लिया लेकिन अश्लील वीडियो की रिकवरी क्यों नहीं हुई। चड्ढा के साथ बिजनेस करने वाले कई पार्टनर एफआईआर में नामजद हैं, चड्ढा ने मरने से पहले क्यों नहीं मुंह खोला। इंद्रप्रीत सिंह चड्ढा के खिलाफ सीकेडी के पास क्या सबूत थे कि उन्हें उपाध्यक्ष पद से निलंबित कर दिया गया। सीकेडी के कौन से चेहरे थे जो कि चड्ढा परिवार के खिलाफ जहर उगल रहे थे। चरणजीत सिंह चड्ढा को ब्लैकमेल करने वाले चार लोगों को जमानत किसने करवाई। चड्ढा आत्महत्या कांड में ड्राइवर राजकुमार के बयान पुलिस ने एफआईआर में क्यो नहीं दर्ज किए।
स्याही बताएंगी मौत की इबारत कब लिखी
इंद्रप्रीत सिंह चड्ढा की मौत की इबारत सुसाइड नोट पर कब लिखी गई , यह स्याही बता देगी। एसआईटी ने चड्ढा के लिखे सुसाइड नोट फोरेंसिक जांच के लिए भेजे हैं। एसआईटी को भरोसा है कि हो सकता है कि सुसाइड नोट ही जाली हो या फिर चड्ढा की आत्महत्या की कहानी ही जाली हो।