हिंदू नेता विपन शर्मा हत्याकांड के आरोपी दो गैंगस्टर गिरफ्तार
- तरनतारन रोड के रहने वाले हैं आरोपी, हत्या में प्रयुक्त बाइक बरामद
- पुलिस को अभी हत्याकांड के मुख्य आरोपी की तलाश
अमर उजाला ब्यूरो
अमृतसर।
बीते 30 अक्टूबर को हुई हिंदू संघर्ष सेना के जिला प्रधान विपन शर्मा की हत्या के मामले में पुलिस ने दो गैंगस्टर गिरफ्तार किए हैं। पुलिस का दावा है कि आरोपियों ने पुलिस कस्टडी में अपना जुर्म कबूल कर लिया है। उनके मुताबिक वारदात को चार लोगों ने अंजाम दिया था। हत्या के बाद आरोपियों ने दूसरे राज्य में शरण ली थी।
गिरफ्तार दोनों गैंगस्टरों की पहचान विशाल शर्मा उर्फ ब्राह्मण निवासी मकान नंबर चार, गली नंबर दो, शहीद ऊधम सिंह नगर, तरनतारन रोड (अमृतसर) व कुंवरबीर सिंह उर्फ कैमी निवासी मकान नंबर 91, गंडा सिंह कालोनी तरनतारन रोड (अमृतसर) के रूप में हुई है। अब पुलिस दोनों गैंगस्टर की क्राइम फाइल खंगाल रही है। दोनों के खिलाफ हत्या का मुकदमा थाना ए डिवीजन में दर्ज है। पुलिस ने हत्या के लिए प्रयोग की गई बाइक (हीरो हांडा, पीबी-02-बीएन-2642) बरामद कर ली है। पुलिस अभी दोनों आरोपियों से पूछताछ करने में जुटी है।
वारदात के बाद भागकर दूसरे राज्यों में ली थी शरण :
पुलिस कमिश्नर एसएस श्रीवास्तव ने बताया कि जगमोहन सिंह (डीसीपी इनवेस्टीगेशन) व चरणजीत सिंह (एसीपी-1) व सीआईए स्टाफ के इंचार्ज इंस्पेक्टर जोगा सिंह ने मुखबिर से मिली सूचना के आधार पर दोनों को गिरफ्तार किया। विशाला शर्मा ने पूछताछ में कबूल किया है कि वारदात के समय वह और उसका दूसरा साथी कैमी बाइक स्टार्ट कर सड़क पर खड़ा था। वारदात को अंजाम देने के बाद सारज मिंटू और शुभम को लेकर दोनों फरार हो गए। तरनतारन रोड से वे कार में सवार होकर पंजाब छोड़ दूसरे राज्य में चले गए। इस दौरान गिफ्टी नाम के एक और गैंगस्टर ने हत्या से लेकर बाहर ले जाने में उन सब की मदद की।
हत्या में आईएसआई का हाथ होने से पुलिस का इंकार :
पुलिस कमिश्नर ने बताया कि विपन शर्मा हत्याकांड में आईएसआई का कोई हाथ नहीं है। अभी तक मुख्य आरोपी गिरफ्तार नहीं हुए हैं, लेकिन जो कहानी सामने आ रही है उसमें विपन शर्मा की हत्या रंजिश वश की गई। रंजिश की वजह क्या थी इसका खुलासा गोलियां दागने वालों से पूछताछ के बाद ही हो सकता है।