रंजीत सिंह ही गुरपिंदर सिंह व तारिक लोन की ओर से चलाए जा रहे इस नेटवर्क का फाइनेंसर है। रंजीत सिंह व जसबीर सिंह के विरुद्ध कई थानों में एनडीपीएस एक्ट में कई केस दर्ज हैं। हेरोइन की इस खेप की तस्करी के आरोप में गुरपिंदर सिंह व तारिक अहमद लोन पहले ही 14 दिन की न्यायिक हिरासत में है।
आज हुई दो ड्राइवरों व ट्रक मालिक जसबीर सिंह की हुई गिरफ्तारी के बाद अब तक पांच आरोपी अरेस्ट हो चुके हैं। फाइनेंसर रंजीत व उसका बेटा हरप्रीत सिंह फरार हैं। कस्टम विभाग ने गिरफ्तार ट्रक ड्राइवरों के नामों का खुलासा करने से इंकार कर दिया।
हेरोइन की खेप का एक हिस्सा जाना था राजस्थान
गुरपिंदर सिंह से पूछताछ के दौरान मिली जानकारी के आधार पर कस्टम विभाग ने उस ट्रक नंबर की भी पहचान की है, जिस ट्रक में पाकिस्तान से आई हेरोइन की 532 किलोग्राम की खेप का बड़ा हिस्सा राजस्थान पहुंचाया जाना था। अटारी सीमा पर स्थ्ति इंटीग्रेटेड चेक पोस्ट(आईसीपी) से हेरोइन व अन्य नशीले पदार्थों की खेप गुरपिंदर के गोदाम में पहुंचाई जानी थी।
फिर जसबीर सिंह के ट्रक के इस खेप का बड़ा भाग राजस्थान पहुंचाए जाने की योजना थी। जसबीर सिंह को इस खेप का दूसरा हिस्सा रंजीत सिंह उर्फ राणा को सप्लाई करना था। कस्टम विभाग इस बात की जांच कर रहा है की फाइनेंसर रंजीत सिंह व तारिक अहमद लोन के बीच इस खेप की क्या कड़ी जुड़ी है। रंजीत व लोन इस खेप से मिलने वाली करोड़ों की राशि को हवाला कारोबार के माध्यम से पाकिस्तान संरक्षित आतंकी संगठनों तक पहुंचाने के कही सूत्रधार तो नहीं है, इसकी जांच भी विभाग कर रहा है।