अमृतसर ट्रेन हादसे के कसूरवारों को मिल रही पनाह: छीना
जौड़ा फाटक के आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई न करने पर पंजाब सरकार पर साधा निशाना
अमर उजाला ब्यूरो
अमृतसर। वरिष्ठ भाजपा नेता राजिंदर मोहन सिंह छीना ने शनिवार को कांग्रेस की प्रदेश सरकार पर आरोप लगाया कि अमृतसर ट्रेन हादसे में मारे गए लोगों व घायलों के परिवारों को न्याय देने के लिए कसूरवारों पर न तो कोई कानूनी कार्रवाई की जा रही है, न नियमों के अनुसार बनती धाराओं के तहत एफआईआर हो रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार पीड़ितों को इंसाफ दिलाने की बजाय अपनी जिम्मेदारी से भाग रही है। सरकार में अपना रसूख रखने वालों को बचाया जा रहा है।
अकाली भाजपा नेताओं की ओर से जौड़ा फाटक हादसे में मारे गए व्यक्तियों की आत्मिक शांति के लिए रखवाए गए श्री अखंड पाठ के भोग के बाद बातचीत में राजिंदर मोहन सिंह छीना ने कहा कि सरकार अपनी जिम्मेदारी से भाग रही है। अखंड पाठ में शिअद के प्रधान व पूर्व डिप्टी सीएम सुखबीर सिंह बादल, पूर्व मंत्री व विधायक बिक्रम सिंह मजीठिया, सांसद श्वेत मलिक, तरुण चुग, पूर्व विधायक अनिल जोशी, गुलजार सिंह रानिके, राजेश हनी, वीर सिंह लोपोके, दिलबाग सिंह वडाली, गुरप्रताप सिंह टिक्का व अकाली भाजपा वर्कर मौजूद थे।
नवजोत कौर और मिट्ठू के खिलाफ आ चुके सबूत
छीना ने कहा कि डा. नवजोत कौर सिद्धू व सौरव मदान मिट्ठू के खिलाफ सबूत भी सामने आ चुके हैं, इस संबंध में अकाली-भाजपा के नेताओं ने खुलेआम घूम रहे व्यक्तियों को सजा दिलाने व पीड़ित परिवारों को इंसाफ दिलाने के लिए रोष प्रदर्शन व मामला दर्ज कराया था। लेकिन प्रदेश सरकार सबूतों को नजरंदाज कर आरोपियों के लिए ढाल बन रही हे। निर्दोष लोगों के कातिलों के खिलाफ कानून की जरूरी धाराओं के तहत केस दर्ज नहीं किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि लोगों को दशहरा समारोह में प्रबंधकों की ओर से सुरक्षा प्रदान न किए जाने के कारण ही 61 लोगों के मारे जाने व सैकड़ों जख्मी हुए थे। जिससे प्रबंधकों की लापरवाही, साजिश व आपराधिक सबूत मिलते हैं। कैबिनेट मंत्री नवजोत सिंह सिद्धू की पत्नी को बचाने के लिए सिद्धू लोगों को गुमराह कर उनका विश्वास जीतने की कोशिश कर रहे हैं।
सीएम विदेश के दौरे पर, नहीं गंभीर
छीना ने कहा कि दशहरा कमेटी के प्रबंधकों ने सोची समझी साजिश के तहत लोगों को इस दुर्घटना के लिए उकसाया गया। छीना ने कहा कि पंजाब की कांग्रेस सरकार की ओर से की गई कार्रवाई शर्मनाक है। सरकार कसूरवार व्यक्तियों को बचाने के लिए कानूनी, सामाजिक व नैतिक जिम्मेदारी पूरी नहीं कर रही है। उन्होंने कहा कि सिद्धू दंपति को बचाने के लिए प्रदेश सरकार की ओर से पूर्ण पैरवी की जा रही है। जिस कारण पंजाब में ऐसी बड़ी त्रासदी हुई है। मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह जो विदेशी दौरे पर हैं, वह दुखद घटना के लिए गंभीरता नहीं दिखा रहे हैं।
307 नहीं हत्या की धारा जोड़कर की जाए कार्रवाई
इस अवसर पर छीना ने कहा कि सरकार व प्रशासन कार्रवाई करने के बजाय जो प्रबंधकों की लापरवाही के खिलाफ विरोध कर रहे लोगों पर लाठीचार्ज करा रही है। आरोपियों के खिलाफ आईपीसी की धारा 307 के तहत मामला दर्ज किया, जिसमें अधिक से अधिक उम्रकैद है पर मौत की असल घटना में एफआईआर की धारा 304ए के तहत दर्ज की गई थी। उन्होंने इस अवसर पर प्रदेश सरकार से मांग करते हुए कहा कि सिद्धू की पत्नी नवजोत कौर सिद्धू व सौरव मिठ्टू मदान के खिलाफ हत्या की धाराओं के तहत मामला दर्ज किया जाए ताकि जो पीड़ित लोगों को इंसाफ मिल सके।