13 अगस्त को रेलवे कॉलोनी के लोगों ने रोकी थी ट्रेन, मामला दर्ज
कॉलोनी के लोगों के पक्ष में आई एनआरएमयू ने एफआईआर का जताया विरोध
अमर उजाला ब्यूरो
पठानकोट। 13 अगस्त को सिटी स्टेशन पर रेलवे कॉलोनी निवासियों की ओर से ट्रेन को रोके जाने के बाद आरपीएफ ने कॉलोनी के लोगों पर केस दर्ज किया है। लोगों ने कॉलोनी में सीवरेज का पानी घुसने के विरोध में ट्रेन को रोका था। अब नॉर्दर्न रेलवे मेन्स यूनियन कॉलोनी निवासी लोगों के पक्ष में खड़ी हो गई है। बुधवार को यूनियन पदाधिकारियों ने कॉलोनी के लोगों सहित रेल प्रशासन के खिलाफ रोष जताया और केस रद्द करने की मांग की। इस दौरान फिरोजपुर मंडल सचिव शिवदत्त शर्मा और शाखा सचिव अश्विनी कुमार ने बताया कि 13 अगस्त को भारी बारिश के कारण रेलवे कॉलोनी नंबर-1 में रात 3 बजे 2 से 3 फुट तक गंदा पानी भर गया, जिसमें पूरी कॉलोनी के रेलवे क्वार्टर में भारी नुकसान हुआ। क्वार्टरों में पानी घुसने से कर्मचारियों का लगभग 4 लाख रुपये का घरेलू सामान खराब हो गया। इसके बावजूद रेल कर्मियों की सुध लेने कोई रेलवे अधिकारी नहीं पहुंचा तो मजबूरी में कॉलोनी निवासियों ने अपने परिवार सहित पठानकोट-दिल्ली एक्सप्रेस 22430 को 20 मिनट तक रोका। तब जाकर रेल प्रशासन और इलाके के काउंसलर ने पंप लगाकर गंदा पानी निकलवाना शुरू किया, जो शाम 4 बजे खत्म हुआ। इस घटना को बीते 15 दिन हो गए लेकिन सफाई न होने से बदबू फैली है। कॉलोनी निवासियों की मजबूरी को समझने के बजाय रेल प्रशासन ने एफआईआर दर्ज करवा दी। जो कि सरासर गलत है। एनआरएमयू यूनियन ओर तमाम रेल कर्मचारियों ने एफआईआर का डटकर विरोध किया और इसे रद्द कराने की मांग की। इस मौके पर अशोक कुमार, परमजीत सिंह, राज कुमार, रोहित शर्मा, जसविंदर सिंह, सुरेश महाजन, दीपक गुप्ता, रमेश कुमार, नीलम कुमारी के अतिरिक्त अन्य भी उपस्थित थे।