हेड: ‘भाभी अभद्र व्यवहार करती थी, इसलिए भतीजे को मार डाला’
बाऊली इंद्रजीत में डेढ़ माह के बच्चे के कत्ल का मामला
आरोपी ताऊ ने पुलिस पूछताछ में माना, कुलविंदर सिंह को भेजा जेल
अमर उजाला ब्यूरो
बटाला। बाऊली इंद्रजीत में डेढ़ माह के भतीजे को घर की छत से नीचे फेंक कर कत्ल करने के मुख्य आरोपी बच्चे के ताया कुलविंदर सिंह को गिरफ्तार कर लिया है। वीरवार को मुख्य आरोपी को गिरफ्तार कर कोर्ट में पेश किया गया जहां से उसे जेल भेज दिया गया। पुलिस के मुताबिक आरोपी ने अपना अपराध कबूल कर लिया है। आरोपी के अनुसार उसी भाभी राजनबीर कौर उससे अभद्र व्यवहार करती थी। बदला लेने के लिए उसने अपने भतीजे को छत से फेंक दिया।
गौरतलब है कि बुधवार को पुलिस ने इस संबंध में थाना सिविल लाइन बटाला में मृतक डेढ़ माह के बच्चे की मां राजनबीर कौर के बयान पर मुख्य आरोपी ताया कुलविंदर सिंह, पिता हरजिंदर सिंह, दादा सुभेग सिंह और दादी के खिलाफ कत्ल और कत्ल की साजिश रचने के आरोप में मामला दर्ज किया था। थाना सिविल लाइन बटाला के एएसआई एवं जांच अधिकारी कैलाश चंद्र ने बताया कि गिरफ्तारी के बाद आरोप कुलविंदर सिंह ने पूछताछ में माना है कि उसने ही अपने डेढ़ माह के भतीजे चरणजोत सिंह को घर की छत से नीचे फेंक कर मौत के घाट उतारा है। आरोपी कुलविंदर सिंह ने बताया कि उसकी भाभी राजनबीर कौर उससे कुछ ठीक व्यवहार नहीं करती थी। कुछ महीने पहले उसकी पत्नी भी उसे छोड़ कर चली गई थी। दूसरी तरफ उसकी भाभी राजनबीर का उसके प्रति अभद्र व्यवहार उसे सुई की तरह चुभता था। उसे अपनी भाभी से इस कदर नफरत हो गई थी कि वह अपनी भाभी को वह गम देना चाहता था जो वह जीवन भर भुला न सके। कई दिनों से वह इस ताक में था कि किसी न किसी तरह उसकी भाभी का बेटा चरणजोत सिंह उसके काबू में आ जाए और वह चरणजोत को खत्म कर दे। मंगलवार रात उसको मौका मिल गया। उसने चुपके से अपना भतीजा उठाया और अपने घर की छत पर ले गया। इससे पहले कि उसकी भाभी वहां पहुंचती, उसने तुरंत बच्चे को छत से नीचे फेंक दिया जिससे उसकी मौत हो गई। एएसआई कैलाश चंद्र ने बताया कि इस मामले में नामजद आरोपी पिता, दादा और दादी की गिरफ्तारी के लिए पुलिस छापेमारी कर रही है। जल्द ही फरार आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया जाएगा। वहीं आरोपी कुलविंदर सिंह के परिजनों का कहना है कि कुलविंदर सिंह मानसिक रूप से ठीक नहीं है। लेकिन पुलिस का कहना है कि अभी इस संबंध में मेडिकली कुछ भी स्पष्ट नहीं हो सका कि उक्त युवक मानसिक रोगी है अथवा नहीं।