जेआईसी में की गई पूछताछ के दौरान बोला, सोशल मीडिया पर आईईडी वाली तस्वीर डाली
संवाद न्यूज एजेंसी
अमृतसर। हेरिटेज स्ट्रीट और श्री गुरु रामदास सराय के पीछे धमाके करने वाला आजाद वीर सिंह पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी आईएसआई के साथ संपर्क करने के चक्कर में था। वह आईएसआई से मिलकर देश में आतंक फैलाना चाहता था। हालांकि आरोपी के पकड़े जाने से पहले लोकल पुलिस और देश की खुफिया एजेंसियों को इसकी भनक तक नहीं लगी। अब जब पुलिस रिमांड के दौरान वह खुलासे कर रहा है तो एजेंसियों की नींद उड़ गई है।
बाबा बकाला तहसील के गांव वडाला कलां निवासी आजाद वीर सिंह ने हेरिटेज स्ट्रीट और श्री गुरु रामदास सराय के पीछे किए धमाके ट्रायल के तौर पर किए थे। इसमें वह किसी को नुकसान नहीं पहुंचाना चाहता था, मगर पुलिस और खुफिया एजेंसियों को दौड़ाना चाहता था। धमाकों के मुख्यारोपी आजाद वीर सिंह ने तीन माह पहले अपना पासपोर्ट बनवाने के लिए आवेदन दिया था, लेकिन उसे हासिल करने के लिए आरोपी ने कभी भी पासपोर्ट कार्यालय में पहुंचने की दिलचस्पी नहीं दिखाई।
धमाकों के आरोपी आजाद वीर सिंह, पटाखा कारोबारी साहिब सिंह उर्फ साबा, धर्मेंद्र तथा हरजीत सिंह से पूछताछ करने के लिए सीआईए की टीम ज्वाइंट इंटेरोगेशन सेंटर (जेआईसी) लेकर पहुंची। इससे पहले आरोपियों से सीआई, आईबी, एनआईए और एनएसजी के अधिकारी पूछताछ कर चुके हैं। पुलिस के एक अधिकारी ने बताया कि आजाद वीर सिंह पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी आईएसआई के साथ संबंध स्थापित कर पंजाब में नशे और हथियारों की तस्करी करना चाहता था। वह जानता था कि आईएसआई ड्रोन के जरिये पंजाब के विभिन्न इलाकों में हथियार और हेरोइन गिरा रहा है।