सरकार ने आयकर उपभोक्ताओं पर डाला बोझ : बब्बेहाली
जिस घर में पांच से छह रिटर्न जाती है उन पर 14 हजार 400 का अतिरिक्त बोझ
स्थानीय लोगो ने भी मनप्रीत बादल के इस फैसले को तुगलकी बयान करार दिया
अमर उजाला ब्यूरो
गुरदासपुर। पंजाब के वित्त मंत्री मनप्रीत सिंह बादल ने आयकर उपभोक्ताओं पर 200 रुपये महीने के हिसाब से 2400 रुपये सालाना टैक्स लगा कर आयकर उपभोक्ताओं पर अतिरिक्त बोझ डाला है। जिससे मिडल क्लास के कारोबारी बूरी तरह मंदी की चपेट में आ जाएगें। यह कहना था अकाली दल के जिला प्रधान व गुरदासपुर हलके के दो बार विधायक एवं चीफ पार्लियामेंट सचिव रहे गुरबचन सिंह बब्बेहाली का। उन्होने कहा कि इस तरह के फरमान जारी कर सरकारी मिडल क्लास लोगों को दबाने में लगी हुई है। उन्होंने कहा कि अगर एक व्यापारी अपनी पर्सनल इनकम के जरिये रिटर्न फाइल करता है तो उसे 2400 रुपये सालाना पंजाब सरकार को टैक्स जमा कराना पडे़गा। जबकि मिडल क्लास वाले इनकम टैक्स चुकाने के लिए अपने परिवार के सभी सदस्यों का आयकर रिटर्न भर रहे हैं। जैसे एक परिवार में 6 सदस्य हैं और सभी आयकर भरते हैं तो इस हिसाब से उन पर 14 हाजर 400 रुपये का अतिरिक्त बोझ पड़ेगा। ऐसे कई परिवार हैं जो आठ से दस रिटर्न भरते हैं तो उनके लिए तो उनकी सारी आमदनी 22 हजार रुपये पंजाब सरकार को देनी पडे़गी। जो मध्यवर्ग के साथ एकदम धक्का है। जिसे हरगिज बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उघोगपति राम दास सैनी ने बताया कि उनके घर मे सात सदस्य हैं, सभी आयकर भरते हैं। लेकिन इस तरह पंजाब सरकार के तुगलकी फरमान से उन पर 16 हजार 800 रुपये का अतिरिक्त बोझ पडे़गा। इसी तरह उद्योगपतियों जिसमें हरजिंदर सिंह धंजल तथा परमिंदर सिंह धंजल ने बताया कि हम पर 24 हजार का अतिरिक्त बोझ वित्त मंत्री ने अपना तुगलकी बयान देकर डाला है। सभी ने मुख्यमंत्री तथा वित्तमंत्री से अपील की कि इस फैसले को वापस लिया जाना चाहिए। आप अपने खजाने भरने के लिए लोगों के खजाने क्यों खाली कर रहे हैं।