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आखिरकार लॉकर मालिकों को मिले चेक

Mon, 23 Sep 2013 11:04 PM IST
अमर उजाला, जालंधर
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जालंधर में आठ माह के लंबे संघर्ष के बाद आखिरकार पंजाब एंड सिंध बैंक ने अपने उन ग्राहकों को मुआवजे के चेक सौंपने शुरू कर दिए हैं, जिनके लॉकरों को इस साल जनवरी में एक गिरोह ने तोड़कर करोड़ों रुपये का माल चुरा लिया था। इसमें 41 लोगों के लॉकर टूटे थे।
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इसमें कई एनआरआई के लॉकर भी थे। 19 जनवरी की रात को पठानकोट रोड पर स्थित पंजाब एंड सिंध बैंक की शाखा में लॉकरों को काटकर अंदर से पैसा व आभूषण चुरा लिए गए थे। इसमें पुलिस को कोई भी सुराग इस गिरोह के बारे में नहीं मिला। लॉकर धारकों ने कई बार प्रदर्शन कर बैंक को बंद करवाया और हाईवे तक जाम कर नारेबाजी की।

बैंक प्रबंधक अपनी जिम्मेदारी से पल्ला झाड़ रहे थे लेकिन लोगों ने मुआवजे के लिए अपनी कमेटी का गठन कर रखा था। आखिरकार बैंक प्रबंधन को लोगों के आगे झुकना पड़ा और करीब तीन करोड़ रुपये का मुआवजा बैंक ने जारी कर
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दिया। बैंक से मिली जानकारी के मुताबिक कुल 42 लॉकर को काटा गया था। इसमें से 31 लोगों ने कहा था कि उनके लॉकरों से आभूषण व नकदी चोरी हो गई है। पंजाब एंड सिंध बैंक प्रबंधन की तरफ से यह तय किया गया कि नुकसान राशि का 60 फीसदी ही बतौर मुआवजा लॉकर धारकों को अदा किया जाए।

पांच लॉकर धारक विदेश में बसे
31 लॉकर धारकों का कुल नुकसान करीब पांच करोड़ था। बैंक ने 2 करोड़ 95 लाख रुपये ही जारी किए, जिससे लोगों ने संतुष्टि जता दी। 31 में से पांच लॉकर धारक विदेशों में बसे हुए हैं। इस कारण 26 लोगों के चेक बैंक ने सोमवार को जारी कर दिए।

बाईस कैरेट के हिसाब से मिला मुआवजा
हालांकि कई लॉकर धारकों के बैंक लॉकर में डायमंड के आभूषण व नकदी भी थी लेकिन बैंक प्रबंधन ने इसका मुआवजा देने से मना कर दिया। बैंक ने 19 जनवरी को सोने के 22 कैरेट रेट के हिसाब से मुआवजा ग्राहकों को दिया है।

संघर्ष करने वाली कमेटी के बिक्रम खैहरा का कहना है कि बैंक ने कुछ राशि तो उन लोगों को दी, जिन्होंने अपने आभूषण चोरों के डर से बैंक में सेफ कर रखे हुए थे। चेक प्राप्त करने वाली आशा रानी, मनोहर लाल, नन्नी, मेजर मेजी, खिलारा का कहना है कि यह एक लंबे संघर्ष का नतीजा है कि लोगोें को मुआवजा मिला है। बेशक 60 फीसदी ही मिला लेकिन इससे वे कुछ तो संतुष्ट हैं।
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