पंजाब के सुनाम में 21 मार्च को आयोजित किसान रैली में बेहोश हुई बुजुर्ग महिला की मौत हो गई है। गांव गंडुआं के जग्गर सिंह की पत्नी महिंदर कौर (62) रविवार को स्थानीय नई अनाज मंडी में हुई रैली के दौरान चक्कर आकर गिर गई थीं। उन्हें एक निजी अस्पताल में भर्ती करवाया गया था जहां से उन्हें पटियाला रेफर कर दिया गया। वहां उनकी मौत हो गई।
महिंदर कौर किसान आंदोलन में लगातार हिस्सा ले रही थीं। मंगलवार को सिविल अस्पताल में पोस्टमार्टम के दौरान भारतीय किसान यूनियन एकता उगराहां के सदस्यों ने केंद्र सरकार के खिलाफ जोरदार नारेबाजी की। भाकियू एकता उगराहां के जिला महासचिव दरबारा सिंह, जसवीर सिंह, अमरीक सिंह ने कहा कि केंद्र सरकार की गलत नीतियां किसान परिवारों पर कहर बनकर टूट रही हैं। किसानों की मौत के लिए सीधे तौर पर केंद्र सरकार जिम्मेदार है। लेकिन किसान ऐसे गंभीर हालात से घबराने वाले नहीं हैं। इस संघर्ष में शहीद होने वालों की कुर्बानियों को व्यर्थ नहीं जाने दिया जाएगा।
कृषि कानूनों के विरोध में हो रहे आंदोलन में कई किसानों की जान चली गई है लेकिन केंद्र सरकार नींद से नहीं जाग रही। केंद्र को नींद से जगाने के लिए किसान, आने वाले दिनों में आंदोलन तेज करेंगे। जांच अधिकारी एएसआई संजीव कुमार ने बताया कि 21 मार्च को महिंदर कौर बेहोश हो गई थीं और पटियाला में उनकी मौत हो गई। परिजनों के बयान पर कार्रवाई की जा रही है।