राजपुरा के ग्रास आर्टिस्ट अभिषेक चौहान ने सरदार मिल्खा सिंह के साथ बिताए पलों को इक दुर्लभ तस्वीर के साथ साझा किया है। इसमें फ्लाइंग सिख उनके द्वारा बनाए गए मास्टर आर्ट एक ओंकार की कलाकृति के दर्शन करने के लिए आए थे। ग्रास आर्टिस्ट ने 1100 तिनकों को 11 हजार बार मोड़कर 10 घंटों में एक ओंकार की दुर्लभ कलाकृति बनाई थी, जो घास से बनी एक ओंकार की विश्व की इकलौती कलाकृति है। जब मिल्खा सिंह को इसके बारे पता चला तब उनसे रहा न गया, वह दुर्लभ कलाकृति को देखने के लिए चंडीगढ़ आए थे।
फिलहाल यह कलाकृति श्री गुरु नानक देव जी के पावन स्थान श्री बेर साहिब सुल्तानपुर लोधी में सुशोभित है। चौहान ने कहा कि मिल्खा सिंह एक दिव्य चरित्र वाली शख्सियत थे। वह उन्हें सिर्फ 15 मिनट के लिए मिले थे, पर वह पल उनकी जिंदगी के सबसे अनमोल पल रहेंगे।