पंजाब सरकार ने प्रवासी पंजाबियों के मामलों की जांच के लिए प्रदेश में 11 एनआरआई थानों की स्थापना कर दी है।
सरकार ने इस संबंध में अधिसूचना जारी कर दी है। इसके तहत सभी जिलों की पुलिस को प्रवासी पंजाबियों के मामलों का कामकाज 11 एनआरआई पुलिस थानों को सौंपने को कहा गया है।
पंजाब की आईजी पुलिस और एनआरआई पुलिस विंग की मुखी गुरप्रीत दियो ने बताया कि पंजाब सरकार ने वर्ष 2008 में छह एनआरआई पुलिस थाने स्थापित किए थे।
अब इनकी संख्या 11 की गई है। यह थाने सीधे एनआरआई पुलिस विंग के अधीन कार्य करेंगे।
आईजी ने बताया कि पंजाब सरकार ने स्वतंत्र पुलिस विंग की स्थापना की है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि सभी शिकायतें बिना किसी भेदभाव के मेरिट के आधार पर पारदर्शी ढंग से हल की जाएंगी।
सभी एनआरआई पुलिस विंग को ऑनलाइन जोड़ा गया है। प्रत्येक केस की जांच डीआईजी और एआईजी के अधीन होगी। उन्होंने बताया कि एसएएस नगर और पटियाला जिला एनआरआई पुलिस थाना एसएएस नगर के अधीन होंगे।
यह होगी व्यवस्था
कमिश्नरेट लुधियाना, फतेहगढ़ साहिब, बरनाला और संगरूर के एनआरआई पुलिस थाने लुधियाना के अधीन होंगे। कमिश्नरेट जालंधर एनआरआई पुलिस थाना जालंधर के अधीन होगा।
कमिश्नरेट अमृतसर, अमृतसर देहात जिला पुलिस और तरनतारन जिला एनआरआई थाना अमृतसर के अधीन होंगे।
मोगा, बठिंडा, मानसा, श्री मुक्तसर साहिब, फाजिल्का, फरीदकोट और फिरोजपुर में एनआरआई पुलिस थाना मोगा के अधीन होंगे। जालंधर देहात पुलिस जिला एनआरआई पुलिस जिला जालंधर देहात के अधीन होगा।