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बंदरों की एक प्रजाति बचाने के लिए अपनाया नायाब तरीका, अब दुनियाभर में हो रही चर्चा

Sat, 15 Dec 2018 03:13 PM IST
सोनू शर्मा वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला
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Gibbons - फोटो : Gibbon Experience
बंदरों की एक प्रजाति बचाने के लिए लाओस के नाम काम नेशनल पार्क में नायाब तरीका अपनाया गया है, जिसकी दुनियाभर में चर्चा हो रही है। दरअसल, अवैध शिकार के चलते गिब्बन प्रजाति के बंदरों की संख्या काफी कम हो रही है, जिसके लिए सरकार कंजरवेशन प्रोजेक्ट गिब्बन एक्सपीरियंस चला रही है।
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World's tallest treehouse - फोटो : Gibbon Experience
यहां पेड़ों पर 40 मीटर यानी करीब 130 फुट की ऊंचाई पर आठ ट्री हाउस बनाए गए हैं, जिसका मकसद गिब्बन प्रजाति के बंदरों को बचाना है। बताया जा रहा है कि ये दुनिया के सबसे ऊंचे ट्री हाउस हैं। गिब्बन एक्सपीरियंस के यान गोरमेलन का कहना है कि नेशनल पार्क में 15 किलोमीटर का एक नेटवर्क बनाया गया है। ट्री हाउस में आने वाले लोगों को जंगल के अंदरूनी हिस्से में आना होगा, तभी लोग गिब्बन और उनकी हरकतों को देख पाएंगे।
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World's tallest treehouse - फोटो : Gibbon Experience
यह नेशनल पार्क बेन हुआक्से शहर से 2.5 घंटे की दूरी पर है। ट्री हाउस पर जाने के लिए लोगों को अपने साथ ट्रेकिंग का सामान ले जाना जरूरी है। लोगों को जंगल में किसी तरह की परेशानी न हो, इसके लिए दो गाइड भी दिए जाते हैं।

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World's tallest treehouse - फोटो : Gibbon Experience
ट्री हाउस पर हर तरह की सुविधा उपलब्ध है। वहां लाइट की पर्याप्त व्यवस्था है और मजेदार बेड हैं, जिसमें मच्छरदानी भी लगी हुई है, ताकि मच्छरों से बचा जा सके। इसके अलावा हर ट्री हाउस पर ओपन एयर वॉशरूम है। इस छोटे से बाथरूम में शॉवर की भी व्यवस्था की गई है।
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World's tallest treehouse - फोटो : Gibbon Experience
यहां ठहरने वाले लोगों के लिए खाने की भी व्यवस्था की गई है। उनके लिए खाना आसपास के गांवों से मंगाया जाता है। हालांकि लोगों के पास खाना ट्री हाउस स्टाफ ही पहुंचाता है। इसके अलावा पर्यटकों को ताजे फल और स्नैक्स भी दिए जाते हैं, ताकि वो उन फलों को गिब्बनों को देकर उनके बर्ताव को समझ सकें।
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World's tallest treehouse - फोटो : Gibbon Experience
गिब्बन एक्सपीरियंस के यान गोरमेलन बताते हैं कि ट्री हाउस वैसे ही जगहों पर बनाए गए हैं, जहां से लोग गिब्बन की हरकतों को देख सकें। ट्री हाउस को ज्यादा ऊंचाई पर भी इसी कारण बनाया गया है. ताकि लोगों को सबकुछ साफ-साफ दिखाई दे। इन ट्री हाउस को बनाने का काम दो साल से चल रहा था। इन्हें आम पर्यटकों के हिसाब से बनाया गया है, ताकि लोग ज्यादा वक्त तक यहां रुक सकें।
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World's tallest treehouse - फोटो : Gibbon Experience
इन ट्री हाउस बनाने के लिए 360 डिग्री में घूमने वाले ड्रोन का इस्तेमाल किया गया है, ताकि पेड़ की हर एंगल से फोटो ली जा सके। सबसे पहले फोटोग्रामेट्री सॉफ्टवेयर की मदद से पेड़ का थ्री-डी मॉडल बनाया गया। इसके बाद पेड़ों पर लकड़ी के घर तैयार किए गए। एक ट्री हाउस को बनाने में 6 महीने लगे हैं। हालांकि यहां पहला ट्री हाउस साल 2004 में ही बनाया गया था।  
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World's tallest treehouse - फोटो : Gibbon Experience
एक लाख 36 हजार हेक्टेयर में फैले जंगल को साल 2008 में लाओस नेशनल असेंबली ने नेशनल पार्क घोषित किया था। सरकार के कंजरवेशन प्रोजेक्ट गिब्बन एक्सपीरियंस में फिलहाल 120 कर्मचारी काम कर रहे हैं।
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