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Vikram Misri: विदेश सचिव की पहली मॉरीशस यात्रा, प्रधानमंत्री रामगुलाम और पूर्व PM से की मुलाकात; देखिए झलकियां

Mon, 23 Dec 2024 03:38 AM IST
दीपक कुमार शर्मा वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, पोर्ट लुईस

सार

दो दिवसीय मॉरीशस यात्रा के दौरान विदेश सचिव विक्रम मिस्री ने दोनों देशों के संबंधों को और मजबूत बनाने की पुष्टि की। उन्होंने अपने इस पहले दौरे के दौरान प्रधानमंत्री नवीनचंद्र रामगुलाम, पूर्व पीएम प्रविंद जगन्नाथ समेत कई शीर्ष अधिकारियों से मुलाकात की। देखिए विदेश सचिव की यात्रा की झलकियां...
 
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विदेश सचिव विक्रम मिस्री की मॉरीशस यात्रा की झलकियां - फोटो : अमर उजाला/X@HCI_PortLouis
मॉरीशस यात्रा के दौरान भारत के विदेश सचिव विक्रम मिस्री ने कई अहम द्विपक्षीय बैठक और मुलाकातें कीं। विदेश सचिव की इस यात्रा के बारे में विदेश मंत्रालय ने बताया कि उन्होंने दोनों देशों के संबंधों को मजबूत बनाने की पुष्टि की है। मॉरीशस के प्रधानमंत्री के साथ बैठक में विदेश सचिव ने प्रधानमंत्री रामगुलाम को उनकी हालिया चुनावी जीत पर बधाई दी और रामगुलाम को भारत आने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की तरफ से दिए गए निमंत्रण को दोहराया।
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मॉरीशस के पीएम नवीनचंद्र रामगुलाम से मुलाकात करते विदेश सचिव विक्रम मिस्री - फोटो : X/@HCI_PortLouis
विदेश सचिव ने पीएम रामगुलाम से की मुलाकात
मॉरीशस में भारतीय उच्चायोग ने मिस्री के दौरे की तस्वीरें साझा कीं। आधिकारिक एक्स हैंडल पर जारी बयान में विदेश मंत्रालय ने कहा, विदेश सचिव विक्रम मिस्री ने मॉरीशस के प्रधानमंत्री नवीन रामगुलाम से मुलाकात की। उन्होंने भारत-मॉरीशस के गहरे और स्थायी संबंधों को रेखांकित करते हुए, दोनों देशों की साझा संस्कृति, इतिहास, रिश्तेदारी और विरासत पर आधारित साझेदारी को आगे बढ़ाने की बात कही। 
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मॉरीशस के पीएम नवीनचंद्र रामगुलाम से हाथ मिलाते विदेश सचिव विक्रम मिस्री - फोटो : X/@HCI_PortLouis
मिस्री ने पीएम रामगुलाम को भारत दौरे का निमंत्रण दिया
पीएम रामगुलाम से मुलाकात के दौरान विदेश सचिव ने उन्हें भारत दौरे का निमंत्रण दिया। प्रधानमंत्री मोदी की तरफ से नवंबर में दिए गए निमंत्रण को दोहराते हुए विक्रम मिस्री ने दोनों देशों की विशेष और अनूठी साझेदारी को आगे बढ़ाने के लिए बहुक्षेत्रीय द्विपक्षीय सहयोग को और मजबूत करने पर भी चर्चा की।

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पोर्ट लुईस में भारतीय उच्चायोग का दौरा करते विदेश सचिव विक्रम मिस्री - फोटो : X/@HCI_PortLouis
पोर्ट लुईस में भारतीय उच्चायोग का भी दौरा किया
विदेश सचिव मिस्री पोर्ट लुइस स्थित भारतीय उच्चायोग के दौरे पर भी पहुंचे। यहां उच्चायुक्त अनुराग ठाकुर समेत अन्य पदाधिकारियों ने उनका स्वागत किया। पीएम ने उच्चायोग में किए जा रहे कामकाज का जायजा भी लिया। इसके अलावा उन्होंने आगंतुक पुस्तिका में अपने संदेश भी लिखे।
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मॉरीशस के राष्ट्रपति धरमबीर गोखूल से मिलते विदेश सचिव विक्रम मिस्री - फोटो : X/@HCI_PortLouis
मॉरीशस के राष्ट्रपति धरमबीर गोखूल से भी मिले विक्रम मिस्री
अपनी इस पहली यात्रा के दौरान विदेश सचिव मिस्री ने मॉरीशस के राष्ट्रपति धरमबीर गोखूल, उप प्रधानमंत्री पॉल बेरेंजर और मॉरीशस के विदेश मंत्री धनंजय रामफुल से मुलाकात की। उन्होंने मॉरीशस के प्रमुख नेताओं और अधिकारियों से भी मुलाकात की।
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मॉरीशस में अप्रवासी घाट का दौरा करते विदेश सचिव विक्रम मिस्री - फोटो : X/@HCI_PortLouis
विदेश सचिव मिस्री ने आप्रवासी घाट का दौरा भी किया
विदेश सचिव मिस्री ने आप्रवासी घाट का दौरा भी किया। यह भारत और मॉरीशस के बीच सदियों पुराने संबंधों के लिहाज से बेहद अहम और मार्मिक जगह है। विदेश मंत्रालय ने बताया कि विक्रम मिस्री को मॉरीशस में भारत की मदद से विकसित की जा रही परियोजनाओं को देखने का भी अवसर मिला। बता दें कि यहां सिविल सर्विस कॉलेज और कैप माल्हेरेक्स में एक क्षेत्रीय स्वास्थ्य केंद्र भी विकसित किया जा रहा है।

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मॉरीशस के पूर्व प्रधानमंत्री प्रविंद जगन्नाथ से मुलाकात करते विदेश सचिव विक्रम मिस्री - फोटो : X/@HCI_PortLouis
मिस्री का दौरा चागोस द्वीप समूह की संप्रभुता के कारण भी चर्चा में रहा
गौरतलब है कि इसी साल अक्तूबर में ब्रिटेन ने एक ऐतिहासिक समझौते के तहत आधी सदी से अधिक समय के बाद चागोस द्वीप समूह की संप्रभुता मॉरीशस को सौंपने की घोषणा का एलान किया था। पूर्व पीएम प्रविंद जगन्नाथ के कार्यकाल में हुए इस समझौते के तहत ब्रिटेन चागोस द्वीप समूह पर संप्रभुता छोड़ने पर सहमत हुआ था। हालांकि, वहां के सबसे बड़े द्वीप डिएगो गार्सिया पर स्थित ब्रिटिश-अमेरिकी सैन्य अड्डे पर उसका 99 साल का पट्टा बना रहेगा। बता दें कि डिएगो गार्सिया अमेरिका और ब्रिटेन के लिए एक प्रमुख सैन्य अड्डा है, क्योंकि इस पर अग्रिम पंक्ति के युद्धपोत और लंबी दूरी के बमवर्षक विमान मौजूद हैं। भारत ने इस समझौते का स्वागत किया था। सरकार के सूत्रों के मुताबिक ब्रिटेन और मॉरीशस के बीच समझौते में भारत ने ‘छोटी, लेकिन महत्वपूर्ण भूमिका’ निभाई थी।
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मॉरीशस में भारतीय उच्चायोग परिसर में पौधरोपण करते विदेश सचिव विक्रम मिस्री - फोटो : X/@HCI_PortLouis
पीएम मोदी के आह्वान पर शुरू हुआ अभियान
एक पेड़ मां के नाम के तहत विदेश सचिव मिस्री ने पोर्ट लुइस स्थित भारतीय उच्चायोग परिसर में पौधा लगाया। नॉरफ़ॉक आइलैंड पाइन का पौधा लगाने के बाद विदेश मंत्रालय ने कहा, भारत हरित और स्वस्थ भविष्य के लिए प्रतिबद्ध है।
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