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यूक्रेन संकट: डोनबास में फंसा ये भारतीय डॉक्टर, लेकिन अपने पैंथर और जगुआर के बिना भारत लौटने को राजी नहीं

Mon, 07 Mar 2022 04:08 PM IST
Amit Mandal एएनआई, डोनबास

सार

जानवरों से प्रेम के लिए डॉ. गिरिकुमार को जगुआर कुमार के नाम से भी जाना जाता है। वह अपने जगुआर और एक पैंथर के बिना भारत आने को तैयार नहीं हैं। 
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डॉ. गिरिकुमार पाटिल - फोटो : ANI
युद्धग्रस्त यूक्रेन से भारतीयों को निकालने का सिलसिला जोरों पर है। रोजाना सैकड़ों भारतीय यहां से वापस भारत लाए जा रहे हैं। इस बीच ऐसे मामले भी सामने आए हैं जहां कुछ लोग अपने पालतू जानवरों के बिना यूक्रेन छोड़ने को तैयार नहीं हैं। इन्हीं में से एक हैं भारतीय डॉक्टर गिरिकुमार पाटिल। वह अपने पालतू पैंथर और जगुआर के बिना यूक्रेन छोड़ने के लिए राजी नहीं हैं। जानवरों से प्रेम के लिए गिरिकुमार को यहां जगुआर कुमार के नाम से भी जाना जाता है। उनके पास एक जगुआर और एक पैंथर है। 
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डॉ. गिरिकुमार का पैंथर - फोटो : ANI
पाटिल का कहना है कि उन्होंने इस संबंध में भारतीय दूतावास से भी संपर्क किया था, लेकिन उन्हें कोई संतोषजनक जवाब नहीं मिला। उन्होंने कहा कि मेरा इलाका रूसी सैनिकों से घिरा हुआ है और में हरसंभव कोशिश कर रहा हूं। मैं इन्हें अपने बच्चों की तरह प्यार करता हूं। 
 
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अखिल राधाकृष्णन हंगरी के रास्ते भारत लौटे

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अपनी बिल्ली के साथ भारत लौटा एक छात्र। - फोटो : ANI
ऐसा ही एक वाकया हम आपसे साझा कर रहे हैं। 21 वर्षीय अखिल राधाकृष्णन हंगरी के रास्ते भारत लौटे हैं। वे इस बात से खुश हैं कि दूतावास उन्हें अपनी बिल्ली अम्मिनी को साथ ले जाने की अनुमति दे दी।   


 

4 महीने पहले अपने सीनियर से लिया था

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बिल्ली का नाम अम्मिनी है। - फोटो : ANI
अखिल राधाकृष्णन ने अपनी बिल्ली के बारे में बताया कि हम एक-दूसरे के साथ ही रहते हैं। मैंने उसे लगभग 4 महीने पहले एक सीनियर से लिया था।
 
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सरकार ने विशेष दिशा-निर्देश जारी किए

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छात्रों के साथ कुत्ते-बिल्ली भी आ रहे - फोटो : ANI
यूक्रेन से भारत आने वाले छात्रों के साथ पालतू कुत्ते और बिल्लियां भी आ रही हैं। भारतीय नागरिकों के साथ-साथ इन विदेशी जानवरों को भी देश में लाने के लिए सरकार ने विशेष दिशा-निर्देश जारी किए हैं। इसके तहत कुत्ते, बिल्ली को लेकर मालिकाना हक साबित करना होगा। साथ ही इनके सभी तरह के टीकाकरण और स्वास्थ्य से जुड़ी जानकारियां भी प्रमाणित करने बाद ही दूसरे देश में जाने की इजाजत दी जा सकती है।
 
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