इंडोनेशिया में वन अधिकारियों ने एक सात माह के चिंपैंजी को तस्करों के पास से बरामद किया है। बरामदगी के वक्त ये चिंपैंजी का ये बच्चा बेहद कमजोर अवस्था में था। डॉक्टरों की देखभाल के चलते फिलहाल वह स्वस्थ है और कसरतें भी कर रहा है। तस्वीरों में देखे पूरी रिपोर्ट-
विज्ञापन
सात महीने का चिपैंजी दूध पीकर हुआ स्वस्थ, कर रहा है कसरतें
2 of 7
- फोटो : daily-mail
इंडोनेशिया के बोर्नियो शहर में वन विभाग अधिकारियों को सूचना मिली यहां कुछ लोगों ने एक चिपैंजी के बच्चे को पकड़ रखा है। अधिकारियों ने तुरंत मौके पर पहुंच इस शिशु चिपैंजी को छुड़ाया। अधिकारियों ने बताया कि इनकी योजना चिपैंजी के तस्करी की थी।
विज्ञापन
सात महीने का चिपैंजी दूध पीकर हुआ स्वस्थ, कर रहा है कसरतें
3 of 7
- फोटो : daily-mail
बरामदगी के वक्त ये शिशु चिपैंजी बेहद कमजोर अवस्था में था। इसे तुरंत ही पशु अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां डॉक्टर और नर्सों ने मिलकर इसकी देखभाल की।
सात महीने का चिपैंजी दूध पीकर हुआ स्वस्थ, कर रहा है कसरतें
4 of 7
- फोटो : daily-mail
इस चिपैंजी के मां-बाप को शिकारियों ने मार इसका अपहरण कर लिया था। अस्पताल में इलाज के दौरान इस अनाथ चिपैंजी को रोज सुबह-शाम दूध पिलाया जाता था।
विज्ञापन
सात महीने का चिपैंजी दूध पीकर हुआ स्वस्थ, कर रहा है कसरतें
5 of 7
- फोटो : daily-mail
यह बच्चा चिपैंजी की जिस प्रजाति से है वो विलुप्त होने के कगार पर है। शिकारी इन चिपैंजी को इनके मांस के लिए या पारंपरिक दवाईयों को बनाने के लिए मार देते है। साथ ही इनके बच्चे को तस्करी के लिए अपहरण कर लेते हैं।
विज्ञापन
सात महीने का चिपैंजी दूध पीकर हुआ स्वस्थ, कर रहा है कसरतें
6 of 7
- फोटो : daily-mail
पशुओं की देखभाल करने वाली एक संस्था ने बताया कि चिपैंजी का व्यापार गैर-कानूनी होने के बावजूद भी इसका व्यापार दक्षिण-पूर्व एशिया में खूब फल-फूल रहा है। इस व्यापार में शामिल काली कमाई लोगो को आकर्षित करती है।