उनकी टीम इस बात का अध्ययन कर रही है कि चंद्रमा और मंगल पर भविष्य में इंसान को किस प्रकार से जीवित रखा जा सकता है। उन्होंने कहा, मुझे लगता है कि हम सबके रहने के लिए यह धरती छोटी पड़ने लगी है, इसलिए हमारा काम संभावनाओं को तलाशना है। उन्होंने कहा कि अब अंतरिक्ष में कालोनी बसाने का काम नए चरण में पहुंच चुका है।