पूरी दुनिया जहां शांति से जिंदगी जीतना चाहती है, वहीं दूसरी तरफ आतंकी दुनिया में अशांत करने का कोई भी मौका नहीं छोड़ना चाहते हैं। पिछले दिनों कुछ ऐसी ही आतंकी घटनाएं घटी हैं जिसमें 250 से ज्यादा लोगों की जान चली गई और कई आज भी जिंदगी-मौत के बीच जूझ रहे हैं। इन आतंकी घटनाओं की शुरूआत अमेरिका से शुरू होकर अब सऊदी अरब में स्थित मदीना मस्जिद तक पहुंच गई है। पढ़िए उन छह हमलों के बारे में जिन्होंने दुनिया को दिया हिला।
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6 दिन, 6 हमले और 250 ज्यादा मौतें, आतंकियों ने दुनिया को दहलाया
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6 दिन, 6 आतंकी घटनाएं
- फोटो : Agency
पिछले माह जून में अमेरिका के फ्लोरिडा स्थित एक समलैंगिक नाइट क्लब में आतंकी संगठन आईएस के समर्थक एक हमलावर उमर एस मतीन की तरफ से की गई अंधाधुंध फायरिंग में करीब 52 लोगों की मौत हो गई, जबकि 53 घायल हो गए। करीब चार घंटे तक चली मुठभेड़ में सुरक्षाबलों ने आईएस समर्थक हमलावर उमर मतीन को ढेर कर दिया। 9/11 के बाद अमेरिका पर ये सबसे बड़ा हमला है। अमेरिकी राष्ट्रपति बराक ओबामा ने घटना को आतंकी हरकत और अमेरिकी नागरिकों पर हमला करार दिया। उधर, समाचार एजेंसी अमाक ने दावा किया था कि इस हमले की जिम्मेदारी आतंकी संगठन आईएस ने ली है लेकिन अमेरिका की तरफ से इसकी पुष्टि नहीं की गई है। अधिकारियों के अनुसार, 29 वर्षीय मतीन आतंकी संगठन आईएस समर्थक था और वह एफबीआई के रडार पर था। अमेरिका के इतिहास में गोलीबारी की यह सबसे बड़ी घटना है। इससे पहले 2007 में वर्जीनिया टेक यूनिवर्सिटी में हुए हमले में 32 लोगों की मौत हुई थी। अधिकारियों ने इसे ‘आतंकी घटना’ करार देने के बावजूद कहा है कि मुस्लिम चरमपंथ से संदिग्ध संबंधों के लिए आगे और जांच किए जाने की जरूरत है। घटना में घायल लोगों का इलाज चल रहा है।
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6 दिन, 6 आतंकी घटनाएं
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29 जून को तुर्की के शहर इस्तांबुल के अतातुर्क अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर हुए बम धमाके में कम से कम 36 लोग मारे गए और 147 अन्य घायल हुए हैं। खबरों के मुताबिक हमलावरों ने अंतरराष्ट्रीय टर्मिनल के नजदीक धमाके किए हैं। कम से कम एक धमाका आत्मघाती हमलावर ने किया है। कहा जा रहा है कि हमले के लिए कलाशनिकोव राइफल का इस्तेमाल भी किया गया। तुर्की की हाल की सरकार और कुर्द आतंकियों के बीच बीते साल संघर्ष विराम खत्म होने के बाद तुर्की में हाल के महीनों में कई बम धमाके हुए हैं। अमेरिकी विदेश विभाग ने हाल ही में अपने नागरिकों के लिए चेतावनी जारी की थी कि वे तुर्की जाएं तो सावधानी बरतें।
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बम धमाके में कम से कम 36 लोग मारे गए
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30 जून को अफगानिस्तान में वारडक प्रांत से काबुल लौटते समय पुलिस के काफिले पर आतंकी हमला हुआ था। पुलिस के काफिले पर दो हमले किए गए। अधिकारियों के मुताबिक काबुल शहर के कंपनी क्षेत्र काला-ए-हैदर के पास आतंकी हमला हुआ। बताया जा रहा था कि जिस पुलिस काफिले पर हमला हुआ उसमें सभी के सभी नए भर्ती हुए पुलिस के जवान थे। तालिबान ने इस आतंकी हमले की जानकारी ली। अधिकारियों ने यह बताने से मना कर दिया कि कितने लोग इस हमले में मारे गए। यह एक आत्मघाती हमला था। स्थानीय मीडिया के मुताबिक कम से कम 40 लोगों की मौत हो गई। घायलों को स्थानीय अस्पताल में भर्ती कराया गया। मारे गए लोगों में कनाडा की एम्बेसी में काम करने वाला एक नेपाली सुरक्षा गार्ड भी मारा गया। इस घटना से हफ्ते भर पहले भी एक बस पर हमला किया गया था जिसमें 14 लोग मारे गए थे।
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ढाका के कैफे में हुए आतंकी हमले में 20 लोगों की जान चली गई
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ढाका के कैफे में हुए आतंकी हमले में 20 लोगों की जान चली गई। बांग्लादेश सरकार ने ढाका के कैफे में हुए बंधक संकट में 20 नागरिकों के मारे जाने की पुष्टि की है। साथ ही बताया कि हमला करने वाले छह आतंकियों को मार गिराया गया और एक आतंकी को पकड़ लिया गया है। आईएसआईएस ने पहले इस हमले में 20 लोगों के मारे जाने का दावा किया था। वहीं बांग्लादेश पुलिस ने कहा था कि इस हमले में सिर्फ दो पुलिस अधिकारी मारे गए हैं और 20 लोग घायल हो गए हैं। शेख हसीना ने आतंकी हमले की निंदा करते हुए ये भी कहा कि रमजान के पाक महीने में इंसानों के मारने वाले ये कैसे इंसान हैं। इससे पहले बांग्लादेश की राजधानी ढाका के बेहद सुरक्षित गुलशन राजनयिक इलाके के एक रेस्तरां में शुक्रवार रात अज्ञात बंदूकधारियों ने 26/11 के मुंबई हमले की तर्ज पर हमला कर दिया। आठ से नौ की संख्या में आए बंदूकधारियों ने विदेशियों समेत करीब 40 लोगों को बंधक बना लिया था।
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122 लोगों की मौत, 200 घायल
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इराक की राजधानी बगदाद में शनिवार की रात दो बम धमाके हुए। इन बम धमाकों में करीब 122 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि 200 से अधिक लोग घायल हो गए हैं। अधिकारियों के मुताबिक यह एक आत्मघाती हमला था। ये दोनों ही धमाके ऐसी जगहों को टारगेट करके अंजाम दिए गए जहां पर अच्छी खासी भीड़-भाड़ थी। रमजान के पाक मौके पर लोग एक जगह एकत्र थे, जहां पर यह धमाके हो गए। लोग रमजान के मौके पर भारी संख्या में खरीदारी करने के लिए यहां आए हुए थे। इस धमाके की जिम्मेदारी आतंकी समूह इस्लामिक स्टेट ने ली है। धमाका एक रेफ्रिजरेटर ट्रक के जरिए किया गया, जो विस्फोटक से भरा हुआ था। अधिकारियों के मुताबिक धमाके कर्रादा इलाक में किए गए।
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धमाकों से दहले सऊदी के तीन शहर, नौ की मौत, दो घायल
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सऊदी अरब के तीन शहर सोमवार को आत्मघाती हमले से थर्रा उठे। पवित्र माह रमजान में हुए इन धमाकों में कम से कम नौ लोगों की मौत हो गई जबकि दो घायल हो गए। हमलावरों ने इस्लाम में दूसरे सबसे पवित्र शहर मदीना स्थित पैगंबर मस्जिद के सुरक्षा मुख्यालय, अमेरिकी राजनयिकों और शियाओं को निशाना बनाया। ये हमले ऐसे समय हुए हैं जब कुछ दिन पहले ही आतंकी संगठन इस्लामिक स्टेट ने एक के बाद एक तुर्की, बांग्लादेश और इराक में बड़ी तादाद में लोगों की हत्याएं की। माना जा रहा है ईद-उल-फितर के त्योहार को देखते हुए ये हमले किए गए हैं। मदीना में पैगंबर मस्जिद के सुरक्षा मुख्यालय के पास आत्मघाती धमाके में हमलावर के अलावा चार सुरक्षाकर्मियों और दो नागरिकों की मौत हो गई। हालांकि सऊदी की सरकारी अल-अरबिया टेलीविजन ने मदीना धमाके में तीन आत्मघाती हमलावरों के अलावा दो सुरक्षा अधिकारियों के मारे जाने की खबर दी है। मीडिया में आई तस्वीरों में पार्किंग एरिया से धुआं उठता दिखा। उधर, पूर्वी सऊदी अरब के कातिफ में एक शिया मस्जिद के बाहर एक आत्मघाती हमलावर ने खुद को उड़ा लिया। हालांकि इस घटना में कोई हताहत नहीं हुआ है। आसपास के लोगों ने घटना स्थल की तस्वीरें शेयर की हैं, जिसमें सड़क पर मामूली आग जलती दिख रही है। इससे पहले जेद्दा शहर में सोमवार तड़के अमेरिकी मिशन के पास भी आत्मघाती हमला हुआ।