फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

डेढ़ दर्जन ऐसी महामारियां, जिनकी वजह से बदल गया पूरी दुनिया का इतिहास

विज्ञापन
pandemic history - फोटो : amar ujala
विज्ञापन
कोरोना वायरस के कारण आज दुनिया के 200 से अधिक देशों की रफ्तार पर ब्रेक लग गया है। कोरोना महामारी की वजह से दुनिया थम-सी गई है। गली-चौराहा, घर, मॉल, एयरपोर्ट, बाजार हर जगह संक्रमण का खतरा है। कोरोना वायरस दुनिया की पहली महामारी है जिसकी प्रकृति लगातार बदल रही है और इसका संक्रमण अब तक की किसी भी महामारी के मुकाबले तेज है, हालांकि कोरोना दुनिया की पहली महामारी नहीं है। इससे पहले भी 17 महामारियों के कारण दुनिया परेशान हो चुकी है। दुनिया की पहली महामारी 430 ईसा पूर्व में फैली थी और उस दौरान भी लोगों को तेज बुखार हुआ था। आइए जानते हैं दुनिया की 17 महामारियों के बारे में जिनकी वजह से दुनिया का इतिहास बदल गया...
विज्ञापन

2 of 17
athens pandemic 430 - फोटो : social media
430 ईसा पूर्व- दुनिया की पहली महामारी 430 ईसा पूर्व में ग्रीस की राजधानी एथेंस में फैली थी। यह महामारी पेलोपोनेसियन युद्ध के दौरान फैली। उस दौरान लीबिया, इथियोपिया और मिस्र में दो तिहाई लोगों की मौत हुई थी, हालांकि इस महामारी को कोई नाम नहीं दिया गया, लेकिन इसके लक्षणों के बारे में जरूरी जानकारी मिली। इस महामारी के लक्षणों में बुखार, प्यास, गले और जीभ में परेशानी, लाल त्वचा और घाव शामिल थे।
विज्ञापन
विज्ञापन

3 of 17
Antonine Plague - फोटो : wiki
165 ईस्वी (AD)- 165वी ईस्वी में रोम (इटली) और जर्मनी में एंटोनिन प्लेग महामारी फैली थी जिसे चेचक का प्रारंभिक रूप माना गया है। यह महामारी रोम के सैनिकों में फैली थी और उसके बाद सैनिकों के जरिए ही जर्मनी में यह महामारी फैली। इसके लक्षण बुखार, गले में खराश, दस्त हैं, वहीं यदि कोई लंबे समय तक इससे बीमार रहता था तो उसके शरीर में मवाद हो जाते थे।

4 of 17
Cyprian Plague - फोटो : social media
250 ईस्वी- साइप्रियन प्लेग सबसे पहले कार्थेज के बिशप में फैली था। इसके लक्षणों में दस्त, उल्टी, गले के दर्द, बुखार जैसे लक्षण शामिल थे। इसकी शुरुआती इथोपिया से हुई थी लेकिन धीरे-धीरे यह महामारी रोम, मिस्र और उत्तरी अफ्रीका तक फैल गई।
 
विज्ञापन

5 of 17
Justinian Plague - फोटो : social media
541 ईस्वी- जस्टिनियन प्लेग- यह महामारी अब तक इतिहास में सबसे घातक बीमारी मानी जाती है। यह महामारी मिस्र में हुई थी जो तेजी से पूर्वी रोमन साम्राज्य में फैली थी। इस प्लेग का नाम पूर्वी रोमन साम्राज्य के तात्कालिक सम्राट जस्टिनियन के नाम पर 'जेस्टिनियन प्लेग' पड़ा। इस महामारी की चपेट में आकर लगभग 2.5 से 10 करोड़ लोग मारे गए थे। उस समय रोमन साम्राज्य में इटली, रोम और उत्तरी अमेरिका समेत पूरा भूमध्यसागरीय तट शामिल थे।
विज्ञापन

6 of 17
डेमो - फोटो : डेमो
11वीं शताब्दी: कुष्ठ रोग- यह एक पुरानी बीमारी थी लेकिन 11वीं शताब्दी में इसने यूरोप में महामारी का रूप ले लिया था जिसके बाद यूरोप में कई कुष्ठ-केंद्रित अस्पतालों का निर्माण हुआ। कुष्ठ रोग को लोग ईश्वर का प्रकोप भी मानते हैं। इसे अब हेन्सन रोग के नाम से भी जाना जाता है। इसमें पीड़ित शख्स के शरीर पर घाव हो जाते हैं।
विज्ञापन

7 of 17
The Black Death - फोटो : history uk
1350- द ब्लैक डेथ- द ब्लैक डेथ महामारी के कारण दुनिया की एक तिहाई आबादी खत्म हो गई थी। जस्टिनियन प्लेग के बाद यह दूसरी बड़ी महामारी थी जिसमें सर्वाधिक मौतें हुई थीं। ब्लैक डेथ के कारण करीब 7.5 से 20 करोड़ लोग मारे गए थे। यह महामारी से चीन, भारत, सीरिया और मिस्र काफी ज्यादा प्रभावित हुआ था और दो-तीन साल बाद यह बीमारी यूरोप तक फैल गई थी जिससे यूरोप की लगभग 50 फीसदी आबादी खत्म हो गई थी।

8 of 17
The Great Plague of London - फोटो : social media
1665- द ग्रेट प्लेग ऑफ लंदन- इसे बुबोनिक प्लेग भी कहा गया। इस महामारी की वजह से लंदन की 20 फीसदी आबादी खत्म हो गई थी। इस बीमारी को लेकर एहतियातन हजारों बिल्लियों और कुत्तों को मार दिया गया। इस महामारी के ठीक बाद यानी 1666 में लंदन में भीषण आग लगी थी जिसकी वजह से पांच लाख लोग सड़क पर आ गए थे।

9 of 17
First Cholera Pandemic 1817 - फोटो : history
1817- इस साल पहली हैजा महामारी फैली थी जिससे रूस में 10 लाख लोगों की मौत हुई थी। यह महामारी ब्रिटिश सैनिकों में भी फैली थी जिसकी वजह से यह बीमारी स्पेन, अफ्रीका, इंडोनेशिया, चीन, जापान, इटली, जर्मनी और अमेरिका तक फैल गई। इसकी वजह से भारत में भी लाखों लोगों की जान गई थी। 1885 में इसका टीका बन गया था, हालांकि बीमारी खत्म नहीं हुई।

10 of 17
The Third Plague Pandemic - फोटो : wikipedia
1855- तीसरी प्लेग महामारी की शुरुआत चीन से शुरू हुई थी जो धीरे-धीरे भारत और हांगकांग में भी पहुंच गई। भारत में इस वायरस के कारण सबसे अधिक मौतें हुईं और इसे लेकर अंग्रजों को विरोध का सामना भी करना पड़ा, जबकि पूरी दुनिया में इस बीमारी से 1.5 करोड़ से अधिक लोगों की जान गई।

11 of 17
Fiji Measles Epidemic - फोटो : history
1875- खसरा महामारी- यह बीमारी ब्रिटिश साम्राज्य की वजह से ऑस्ट्रेलिया पहुंची थी। दरअसल रानी विक्टोरिया ने शाही दल के साथ ऑस्ट्रेलिया का दौरा किया। इसके बाद इस बीमारी ने महामारी का रूप ले लिया और देखते-देखते कई गांव साफ हो गए। इसके बाद जंगली जानवरों को भी लोगों ने खदेड़ा। इसके कारण फिजी में 40 हजार लोग मारे गए थे।

12 of 17
Russian Flu - फोटो : gwpf
1889- रशियन फ्लू- रशियन फ्लू की शुरुआत साइबेरिया और कजाकिस्तान से हुई। इसके बाद मास्को, फिनलैंड और पोलैंड तक पहुंच गई। इसके बाद यह महामारी यूरोप में भी फैली और अगले एक साल में उत्तरी अमेरिका और अफ्रीका में भी रशियन फ्लू फैल गया। 1890 के अंत तक इसके कारण 3,60,000 लोगों की मृत्यु हो गई थी।

13 of 17
spanish flu
1918- स्पैनिश फ्लू- इस महामारी के कारण 1918 में पांच करोड़ लोगों की जान गई थी। इसकी शुरुआत यूरोप से हुई थी, बाद में धीरे-धीरे यह अमेरिका और एशियाई देशों में भी फैल गई। इसके अलावा भारत में भी स्पैनिश फ्लू का कहर देखने को मिला था। देश में उस समय इस महामारी से लगभग 1.7 से 1.8 करोड़ लोगों की मौत हुई थी। महामारी का सबसे ज्यादा असर पहले विश्व युद्ध के परिणाम पर रहा। फ्लू से विश्व युद्ध में शामिल दोनों तरफ के लोग मारे गए थे लेकिन जर्मन और ऑस्ट्रियाई सेनाएं इससे सबसे ज्यादा प्रभावित थी।

14 of 17
asian flu - फोटो : ap file
1957- एशियन फ्लू- इसकी शुरुआत हांगकांग से हुई थी और देखते-देखते यह पूरे चीन में फैल गया था। इसके बाद यह अमेरिका और इंग्लैंड भी पहुंचा जिसकी वजह से छह महीने के अंदर 14,000 लोग मारे गए। 1958 की शुरुआत तक पूरी दुनिया में 11 लाख लोगों की मौत हुई थी जिनमे से सिर्फ अमेरिका में 1,16,000 मौतें हुई थी।

15 of 17
फाइल फोटो
1981- एचआईवी/एड्स- इसका पूरा नाम एक्वायर्ड इम्युनोडेफिशिएंसी सिन्ड्रोम है और इसकी पहचान पहली बार 1981 में ही हुई थी। यह बीमारी व्यक्ति की प्रतिरक्षा प्रणाली को पूरी तरह से नष्ट कर देती है। इसमें बुखार, सिरदर्द जैसे लक्षण दिखाई देते हैं। यह बीमारी खून, स्पर्म और दूध के जरिए एक से दूसरे व्यक्ति में पहुंचता है। एड्स पहली बार अमेरिकी समलैंगिक समुदायों में देखा गया था, लेकिन माना जाता है कि यह 1920 के दशक में पश्चिम अफ्रीका के एक चिंपांजी से विकसित हुआ था।

16 of 17
2003- सार्स- सार्स को लेकर माना गया है कि यह बीमारी चमगादड़ से बिल्लियों में और फिर इंसानों में पहुंची थी। सार्स कोरोना की तरह सबसे पहले चीन में ही फैला था और देखते-देखते यह 26 अन्य देशों में पहुंच गया। सार्स को कोरोना का पूर्वज माना गया है। इसके लक्षण भी कोरोना जैसे ही थे। इससे 8,096 लोग संक्रमित हुए थे और 774 लोगों की मौत हो गई थी।

17 of 17
2019- कोरोना- कोरोना का पहला मामला चीन के वुहान में नवंबर में मिला था और 11 मार्च को विश्व स्वास्थ्य संगठन ने इसे महामारी घोषित किया था। महज तीन महीने के अंदर कोरोना वायरस दुनिया के 114 देशों तक पहुंच गया और 1,18,000 लोग संक्रमित हो गए। रिपोर्ट लिखे जाने तक पूरी दुनिया में कोरोना से 32 लाख से अधिक लोग संक्रमित हैं और दो लाख से अधिक लोगों की मौत हो गई है।
विज्ञापन
Next