मशहूर पाकिस्तानी सूफी कव्वाल अमजद साबरी को श्रद्धांजलि देने के लिए बृहस्पतिवार को पाकिस्तान के सबसे बड़े शहर कराची में भारी संख्या में लोगों की भीड़ उमड़ पड़ी। उनके जनाजे में बच्चों और महिलाओं समेत हजारों की संख्या में लोग शामिल रहे। सभी के आंखों में आंसू थे और कुछ लोग अमजद साबरी की मशहूर कव्वालियां कव्वाली गा रहे थे।
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कव्वाल साबरी को नम आंखो से दी विदाई, जनाजे में महिलाएं और बच्चे भी हुए शरीक
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azmat sabri
- फोटो : Reuters
मालूम हो कि बुधवार को पाकिस्तान के कराची में तालिबान आतंकियों ने साबरी की गोली मारकर हत्या कर दी थी। वहीं, अभी तक साबरी के हत्यारों का कोई सुराग नहीं लगा। उनके भाई सारवत साबरी ने सरकार से हत्यारों की गिरफ्तारी की मांग की है।
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लिकायतबाद इलाके के एक मस्जिद में उनकी जनाजे की नमाज पढ़ी गई। इसी इलाके में 45 वर्षीय साबरी पर बाइक सवार तालिबान आतंकियों ने हमला किया था।
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साबरी की मौत से उनके परिजन, दोस्त और प्रशंसक शोक में डूब गए। उनके ताबूत को कब्रिस्तान ले जा रही एंबुलेंस पर लोग गुलाब के फूल बरसा रहे थे और नम आंखों से श्रद्धांजलि दे रहे थे। साथ ही उनके जनाने के पीछे-पीछे चल रहे थे।
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अमजद साबरी को उनके पिता गुलाम फरीद साबरी की कब्र के समीप सुपुर्द-ए-खाक कर दिया गया। गुलाम फरीद साबरी अपने जमाने के मशहूर कव्वाल थे।
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पुलिस अधिकारी मोहम्मद अली ने कहा कि साबरी के जनाजे में काफी संख्या में लोग शामिल हुए।