1982 में अपने कॅरियर की ऊंचाई पर तीस वर्षीय खान ने जावेद मियांदाद के बाद पाकिस्तानी क्रिकेट टीम की कप्तानी संभाली। इस नई भूमिका को याद करते हुए और उसकी शुरूआती परेशानियों की चर्चा करते हुए उन्होंने बाद में कहा, "जब मैं क्रिकेट टीम का कप्तान बना था, तो मैं इतना शर्मीला था कि सीधे टीम से बात नहीं कर सकता था। मुझे प्रबंधक से कहना पड़ता था, सुनिए क्या आप उनसे बात कर सकते हैं, यह एक बात मैं उनसे व्यक्त करना चाहता हूं।