देश में चुनाव हों और महिला प्रत्याशियों की बात न हो तो चुनाव फीका लगने लगता है। महिलाओं के लिए पाकिस्तान हमेशा से असुरक्षित देश माना जाता रहा है। पर्दा सिस्टम और आजादी न होने की वजह से चर्चा में रहने वाले पाकिस्तान में इस बार महिलाओं की भागीदारी अहम होने जा रही है।
पाकिस्तान चुनाव आयोग ने इस बार चुनाव में कई तरह के बदलाव किए जाने की बात कही है। आयोग ने हाल ही में ऐतिहासिक कदम उठाते हुए कहा है कि पहली बार पोलिंग बूथ के अंदर भी सेना को तैनात किया जाएगा। इसके साथ ही महिलाओं की सक्रियता राजनीति में बढ़ाने के लिए आयोग ने सभी राजनीतिक पार्टी को सामान्य सीटों पर कम से कम 5 फीसदी महिलाओं को टिकट देना अनिवार्य कर दिया है। ये अनिवार्यता 2017 इलेक्शन एक्ट के तहत की गई है।
इसके अलावा चुनाव में महिलाओं की भागीदारी को बढ़ाने के लिए भी आयोग ने एक सराहनीय कदम उठाया है। अगर किसी सीट पर महिलाओं की वोटिंग प्रतिशत 10 फीसदी से कम रहती है तो वहां दोबारा चुनाव कराने का निर्णय लिया गया है। पाकिस्तान में महिलाओं की स्थिति चिंताजनक है और जिस तरह से पिछले आम चुनाव में महिलाओं की वोटिंग प्रतिशतता कम रही थी, उसको देखते हुए आयोग ने यह फैसला लिया है।
विज्ञापन
चुनावी मैदान में महिलाएं जो बनी हैं आकर्षण का केंद्र
2 of 6
ayla-malik
पाकिस्तान की तीन बड़ी पार्टियां पाकिस्तान मुस्लिम लीग, पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ और पाकिस्तान पीपुल्स पार्टी ने कानून के तहत सीटों की घोषणा कर दी है। अभी तक जारी उम्मीदवारों की लिस्ट के अनुसार पीपीपी के 176 उम्मीदवार मैदान में जिसमें 12 यानी 6.8 फीसदी टिकट महिलाओं को दी गई हैं वहीं पीटीआई ने 244 सीटों में से 14 सीटें महिलाओं को दी है जबकि पीएमएल ए ने 125 सीटों में से करीब 4 सीटें ही महिलाओं को दी है।
विज्ञापन
पीपीपी लिस्ट में महिलाएं
3 of 6
डॉ नफीसा शाह
डॉ नफीसा शाह-पीपीपी पार्टी की नुमाइंदगी कर रही हैं। वह सिंध के पूर्व मुख्यमंत्री सय्यद क्याम अली शाह की बेटी हैं। नफीसा के अलावा सिंध एसेंबली की पूर्व डिप्टी स्पीकर शहला रजा, पूर्व कानून मंत्री महरीन अनवर राजा,आस्मा अरबाब अलमगीर भी चुनावी मैदान में हैं। आस्मा पूर्व मंत्री अरबाब आलमगीर की पत्नी हैं।
पीपीपी में इस बार महिला प्रत्याशियों का चयन काफी सोझ समझ कर किया है। और उन महिला प्रत्याशियों को तवज्जो दी है जिनका कोई न कोई पुराना नाता राजनीति से रहा है। पार्टी की अन्य उम्मीदवारों में डॉ अजरा फजल और फर्याल तालपुर हैं, ये दोनों ही बहनें हैं और पूर्व राष्ट्रपति आसिफ जरदारी की बेटियां हैं। इन सभी के साथ शाजिया मर्री और समीना कालिद गुरकी चुनावी मैदान में हैं।
4 of 6
मरियम नवाज
पाकिस्तान मुस्लिम लीग नवाज (पीएमएल एन) में महिला उम्मीदवारों में मरियम नवाज चुनावी मैदान में हैं। मरियम नवाज पूर्व प्रधानमंत्री नवाज शरीफ की बेटी हैं। पूर्व स्वास्थ्य मंत्री सरिया अफजल तरार, शेजरा मनसब अली खर्राल, तेहमीना दौलताना और सुमैरा मलिक भी चुनावी मैदान में हैं।
विज्ञापन
5 of 6
सुमैरा मलिक, पीएमएल एन पार्टी से चुनावी मैदान में है
वहीं पीटीआई भी इन मामलों में अलग नहीं है। पीटीआई ने उन महिला उम्मीदवारों को टिकट दिया है जिन्हें दूसरी पार्टी में जगह नहीं मिली हैं। इसमें पीपीपी सरकार में मंत्री रहीं डॉ फिरदौस आशिक अवान एनए-72 सियालकोट से हैं जबकि गुलाम बीबी भरवाना झांग से चुनावी मैदान में हैं वह दो बार पीएमएल क्यू और पीएनएल एन से चुनाव लड़ चुकी हैं।
तहमीना दस्ती मुज्जफ्फरागढ़ से चुनावी मैदान में हैं वह सरदार अमजद दस्ती की बेटी हैं। दस्ती ने निर्दलीय लड़ने का फैसला लिया था लेकिन बाद में वह पीटीआई में शामिल हुईं। सायेदा जेहरा बासित बुखारी 184 मुज्जफ्फरागढ से चुनावी मैदान में हैं।
जरताज गुल वजीर – जरताज को पूर्व क्रिकेटर इमरान खान की पार्टी पाकिस्तान तहरीक-ए इंसाफ ने टिकट दिया है, वो नेशनल असेंबली की सीट नंबर 191 से चुनाव लड़ेंगी। खदीजा आमिर भावलपुर से पीटीआई टिकट पर चुनावी मैदान में हैं। भावलनगर में फातिमा ताहिर चीमा पूर्व पीएमएल एन ताहिर बाशिर चीमा की बेटी हैं। पीटीआई का टिकट उन्हें तब मिला जब उनके पिता को चुनाव लड़ने के लिए अयोग्य घोषित किया गया।
इसबार चुनावी मैदान में पीटीआई से हलीमा भुट्टो भी चुनावी मैदान में हैं। वह एनए-200 लरकाना-आई से बिलावल भुट्टो के खिलाफ चुनावी मैदान में हैं। नरगिस नाज और गजाला हुस्सैन भी चुनावी मैदान में हैं।